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छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मुंडन, पिंडदान कर शुरू की पदयात्रा

Last Modified - December 12, 2017, 4:34 pm

जांजगीर-चाम्पा के शिवरीनारायण से कांग्रेस की पदयात्रा शुरू हुई। यह पदयात्रा 15 दिसम्बर को समाप्त होगी। शिवरीनारायण में प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने रैली को रवाना किया और पदयात्रा कर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। शिवरीनारायण से पदयात्रा की शुरुआत के समय डॉ. चरणदास महंत, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, धनेंद्र साहू, करुणा शुक्ला, विधायक मोतीलाल देवांगन, चुन्नीलाल साहू समेत कई नेता मौजूद रहे। पदयात्रा के पहले किसानों की बढ़ते आत्महत्या के मामले को लेकर कार्यकर्ताओं ने मुंडन कराया और पिंडदान दिया।

पीएल पुनिया परास्त प्रभारी - धरमलाल कौशिक

इस तरह से सरकार की किसान विरोधी नीति को लेकर विरोध जताया गया। शिवरीनारायण से निकलकर पदयात्रा खरौद के तिवारी पारा पहुंचेगी, जहां पूर्व सांसद परसराम भारद्वाज को श्रद्धांजलि दी जाएगी। जिसके बाद पहले दिन पदयात्रा सलखन गांव पहुँचेगी। दूसरे दिन जांजगीर-चाम्पा विस, 13 दिसम्बर को बरभाठा से होते हुए राछा-नवागढ़ पहुंचेगी। यहां कार्यकर्ताओं के द्वारा स्वागत किया जाएगा। तीसरे दिन जैजैपुर विस के गोविंदा गांव से 14 दिसम्बर को पदयात्रा आगे बढ़ेगी और 15 दिसम्बर को पदयात्रा चंद्रपुर विस क्षेत्र में पहुंचेगी।

अजीत जोगी और रमन सिंह के बयान पर पुनिया का पलटवार

पदयात्रा के दौरान मीडिया से बात करते प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि किसानों के हितों को लेकर सरकार को जगाने पदयात्रा की जा रही है। कांग्रेस ने पहले भी पदयात्रा निकाली है, इस बार यह पदयात्रा किसानों पर केंद्रित है। पुनिया ने रमन और जोगी के बयान को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस 1 नम्बर की पार्टी है। बीजेपी और जोगी कांग्रेस, ए-बी पार्टी है। अब दोनों पार्टी को तय करना है कि दूसरे नम्बर पर कौन है। भूपेश बघेल ने भी भाजपा सरकार के कार्यकाल में हो रही किसानों की आत्महत्या को लेकर सरकार की किसान नीति पर सवाल उठाया।

पुलिस वैन में हुए दुष्कर्म के आरोपी आरक्षक को खास सुविधा

पदयात्रा को किसानों को समर्पित करते हुए कहा कि यह पदयात्रा, किसानों के हक की लड़ाई के लिए निकाली जा रही है, जो 15 दिसम्बर को समाप्त होगी। दरअसल, कांग्रेस की यह पदयात्रा 6 दिनों की थी और 17 दिसम्बर तक होनी थी, लेकिन राहुल गांधी के शपथ समारोह के कारण यह पदयात्रा 15 दिसम्बर को ही समाप्त की जाएगी। शेष जो क्षेत्र बच जाएंगे, उन जगहों पर विधानसभा सत्र के बाद फिर से पदयात्रा शुरू की जाएगी। 

 

वेब डेस्क, IBC24

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