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रामसेतु मानव निर्मित, अमेरिकी वैज्ञानिकों की पुष्टि

Created at - December 13, 2017, 10:16 am
Modified at - December 13, 2017, 10:16 am

भारत और श्रीलंका के बीच बने राम सेतु को मानव निर्मित है, अमेरिकी पुरातत्वविदों ने इसकी पुष्टि डिस्कवरी चैनल के ज़रिए कर दी है. डिस्कवरी चैनल के प्रोमो में श्रीलंका-भारत के बीच बने रामसेतु को सैटेलाइट के जरिए दर्शाया गया है. सैटेलाइट से पत्थरों के पुल साफ देखे जा सकते हैं. जिसे वैज्ञानिक भी अब मानने को मजबूर हो गए हैं. 

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भारत के रामेश्वरम के करीब स्थित द्वीप पमबन और श्रीलंका के द्वीप मन्नार के बीच 50 किलोमीटर लंबा अद्भुत पुल कहीं और से लाए पत्थरों से बनाया गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सैटेलाइट में नजर आने वाली छिछले या सपाट चूना पत्थर हैं। 83 किलोमीटर लंबे गहरे इस जल क्षेत्र में चूना पत्थर की चट्टानों का नेटवर्क दरअसल मानव निर्मित है।

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अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ नार्थवेस्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो और सर्दन ओरीगन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया है कि बलुई परत भले ही प्राकृतिक हों, लेकिन उसके ऊपर बिछाए गए विशाल चूना पत्थर कतई प्रकृति की देन नहीं हैं।

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यह कहीं और से लाए गए हैं। कार्यक्रम में बताया गया है कि पुल की चट्टानें सात हजार साल पुरानी हैं, जबकि उस पर बिछी बालू की परत महज चार हजार साल पुरानी है। आपको बता दें धार्मिक मान्यता के मुताबिक रामायणकाल में श्रीलंका पर विजय पाने के लिए श्रीराम ने वानरों की सेना से ये विशाल रामसेतु का निर्माण किया था. इस रामसेतु से ही श्रीलंका पर श्रीराम के सेना ने चढ़ाई कर विजय पाई थी. 

 

 

वेब डेस्क, IBC24 


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