News

समाज में ज़हर फैलाने वाले कैसे हो सकते हैं हिंदुत्व के पैरोकार? 

Created at - December 15, 2017, 5:42 pm
Modified at - December 15, 2017, 5:42 pm

समाज में ज़हर फैलाने वाले लोग न कभी मिसाल बन सकते हैं और न ही वो समाजिक सोच को परिवर्तित कर सकते हैं। समाज में शांति, सदभाव और भाईचारे के लिए जगह है लेकिन शंभूलाल जैसे लोग जो समाज का रुख हिंसा की तरफ मोड़ना चाहते हैं ऐसे लोगों की सोच को शायद ही कोई स्वस्थ मानसिकता वाला व्यक्ति अपनाना चाहेगा.

दरसअल, शंभूलाल जिसने राजस्थान के उदयपुर में कुछ ही दिन पहले अफ़राजुल नाम के व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी थी, उसी शंभूलाल के नाम पर हिंदुत्व का सहारा लेकर लोगों से चंदा मांगा जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो उसके नाम से चंदा दे भी रहे हैं. ऐसी ही हरकतों को अंजाम देने वालों में से एक है दीपक शर्मा नाम का शख्स, जो कुछ महीने पहले ख़ुद को कट्टर हिन्दू कहते हुए उल-जुलूल बयानों की वजह से सुर्ख़ियों में आया था और सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करके सुर्खियों में बना रहता है.

देखें वीडियो-

अब आप खुद इसके ज्ञान और सोच को देखकर अंदाजा लगाएं कि क्या ये हिंदुत्व है और क्या दीपक शर्मा जैसे लोग हिंदुत्व का मतलब भी समझते हैं? हिंदुत्व की बात करने वाले दीपक शर्मा जैसे लोग किसी धर्म के हितैषी नहीं हैं, बल्कि समाज में हिंसक सोच को जन्म देने के पीछे इन लोगों का खुद का स्वार्थ छिपा हुआ है, जो उस समय उजागर होगा, जब वक़्त हमारे हाथ से निकल चुका होगा.

 

अर्जुन सिंह, IBC24


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

Related News