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छग: बीमार बेटी को गोद में उठाए घुमती रही बुजुर्ग मां, देखते रहे लोग

Last Modified - December 27, 2017, 1:54 pm

पेंड्रा में एक बार फिर समाज का असंवेदनशील चेहरा देखने को मिला जहां एक 60 साल की बुजुर्ग महिला अपनी 25 साल की शादीशुदा बीमार बेटी को अपने गोद में लेकर बीच शहर से निकली लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। लेकिन जब स्थानीय मीडियाकर्मियों की नजर इस असहाय बुजुर्ग महिला पर पड़ी तो उन्होने उसकी मदद की और उन्हे गंतव्य स्थान पर पहुंचाया।

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दरअसल इस तस्वीर में जो बुजुर्ग महिला दिखाई दे रही है वह पेंड्रा के गिरारी गांव के रज्जूटोला में रहने वाली फूलबाई है और उसके गोद में जो महिला है वो उसकी 25 साल की बीमार बेटी समुंदकुवंर है। जिसे उसकी मां फूलबाई तबियत खराब होने के बाद इलाज कराने गौरेला के सरकारी अस्पताल लेकर आई पर कुछ दिनों तक समुंदकुवर की सेहत में सुधार नही होने के बाद फुलकुवर अपनी बेटी को झाड़फूंक कराने के लिये गौरेला ले गई। और वापसी के दौरान पेंड्रा शहर के मुख्य दुर्गा चौक में आटो से उतरना पड़ा पर इन्हे पुराना बेरियर होते हुये गिरारी रज्जूटोला अपने घर जाना था पर दुर्गा चैक में काफी देर तक फूलकुवर अपनी बेटी के साथ साधन का इंतजार करती रही पर किसी ने भी उनकी मदद नही कि यहां तक की किसी आटो रिक्शा वाले ने भी इन्हे नही बैठाया जिसके बाद फूलकुवर ने अपनी 25 साल की बीमार बेटी को अपनी गोद में उठाया और पेंड्रा के दुर्गा चैक होते हुये बेरियर तिराहे के लिये चल पड़ी बुजुर्ग महिला की अपनी बेटी के प्रति ममता ने उसे गोद में ले जाने को मजबूर कर दिया।

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बुजुर्ग महिला ने अपनी 25 साल की बीमार बेटी को गोंद में उठाया और बीच शहर से गुजरने लगी इस दौरान कई लोगों की उस पर नजर पडी लेकिन किसी ने संवेदनशीलता नही दिखाई और न ही किसी ने मदद करने की जहमत उठाई। हालाकि स्थानीय मीड़िया कर्मीयों की नजर जब इन मां बेटी के उपर पड़ी तो उन्होंने उन्हे गंतव्य तक पहुंचाया। यह कोई ऐसी खबर तो नहीं की नेशनल मीडिया इस पर डीबेट करें लेकिन समाज की यह असंवेदनशीलता किसी गहरे जख्म से कम भी नहीं।

 

वेब डेस्क, ibc24

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