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महाराष्ट्र में जानलेवा बना जातीय हिंसा, भूखे पेट रहेंगे मुंबईवासी

Last Modified - January 3, 2018, 11:23 am

महाराष्ट्र: पुणे में भीमा-कोरेगांव की 200वीं पुरानी जंग पर छिड़ा जातीय हिंसा ने आक्रामक रूप ले लिया है.  जगहों-जगहों पर दंगा-फसाद हो रहा है जिसे देखते हुए महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया है.  

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लोगों के आक्रामक प्रदर्शन को देखते हुए औरंगाबाद में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं जबकि कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दिया गया है. प्रदर्शन के चलते बस, ऑटो सेवा प्रभावित हुई है. कामगर लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. प्रदर्शन को देखते हुए बुधवार को मुंबई डिब्बेवालों ने अपनी सेवा बंद रखने का ऐलान किया है. जिससे आज पूरे महाराष्ट्र को भूखा रहना पड़ेगा.

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ऐसे उपजा विवाद-

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नए साल के पहले दिन झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत से शुरू हुआ विवाद मंगलवार को हिंसक हो गया. इस घटना के विरोध में पुणे, मुंबई और औरंगाबाद समेत 13 शहरों में हिंसा हुई। इस दौरान कई वाहनों व दुकानों में तोड़फोड़ की गई। अकेले मुंबई में 160 से अधिक बसों को नुकसान पहुंचा। यहां सौ से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुंबई में रेल और हवाई यातायात तक प्रभावित हो गए। लोगों की ट्रेनें और विमान छूट गए। पुणे हिंसा में शहर के दो दक्षिणपंथी संगठनों के नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने पुणे हिसा की जांच मुंबई हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से कराने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी साजिश का नतीजा लगता है। उन्होंने हिंसा में मारे गए युवक राहुल के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की। हिंसा के चलते केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने फड़नवीस से फोन पर हालात की जानकारी ली। रिपब्लिकन नेता एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर ने बुधवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है।

 

 

वेब डेस्क, IBC24

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