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नई सेविंग बांड स्कीम 10 जनवरी से, 7 साल में 1000 रुपये पर मिलेंगे 1703 रुपये

Created at - January 4, 2018, 11:39 am
Modified at - January 4, 2018, 11:39 am

नई दिल्ली सुरक्षित निवेश के लिए सरकारी बैंक की सेविंग बांड पर भरोसा करने वाले नागरिकों के लिए ये ख़बर पढ़ने की ज़रूरत है। सरकार ने 2 जनवरी 2018 से सेविंग बांड्स 2003 की सदस्यता बंद करने की घोषणा की थी, जिससे इस तरह के बांड में निवेश करने वालों को झटका लगा था। झटका इसलिए लगा था क्योंकि इस बांड में लघु बचत पर 8 फीसदी की अच्छी ब्याज दर से रिटर्न मिलता था। नरेंद्र मोदी सरकार ने छोटी बचत पर ब्याज दरें घटाई हैं, जिसके बाद से ये उम्मीद जताई जा रही थी कि सेविंग बांड्स पर भी ब्याज दरों में कटौती होगी। आखिरकार सोमवार को इसका ऐलान कर दिया गया। वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, "भारत सरकार बचत (कर योग्य) बांड, 2003 मंगलवार (2 जनवरी, 2018) को बैंकिंग कारोबार की समाप्ति के साथ ही सदस्यता के लिए बंद हो जाएगा।"

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ये बांड उच्च ब्याज दर के कारण छोटी बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में काफी लोकप्रिय थीं, और ऐसे बांड्स की अवधि 6 साल थी। इसमें न्यूनतम निवेश 1,000 रुपए था, जबकि अधिकतम निवेश की सीमा नहीं थी। इसके कारण ये हर आयवर्ग के निवेशकों में लोकप्रिय थी। इन बांड्स में निवेश का एक और फायदा ये था कि इन बांड्स पर मिलने वाले ब्याज पर काफी कम कर यानी टैक्स लगता था। ऐसे में ये बांड्स वरिष्ठ नागरिकों और पेंशन पर निर्भर लोगों के बीच तय आय के कारण काफी लोकप्रिय थे क्योंकि ब्याज छमाही अवधि के आधार पर मिलता था। जब इस सेविंग बांड को बंद करने की घोषणा हुई तो देश में एक निराशा की भावना बनती दिखाई थी, जिसके बाद सरकार की ओर से ये जानकारी दी गई कि इस तरह के बांड्स बंद नहीं किए गए हैं, बल्कि सिर्फ ब्याज दर कम हुई है और नए बांड्स आने वाले हैं।

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इसके बाद केंद्र सरकार ने करयुक्त सेविंग बांड्स 10 जनवरी 2018 से लांच करने की घोषणा की। इसकी न्यूनतम सीमा 1000 रुपये रखी गई है, जबकि उच्च सीमा असीमित है। ब्याज दर 7.75 फीसदी होगी, जो छमाही आधार पर मिलेगा और ब्याज पर टैक्स भी लगेगा।

          

 

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अनिवासी भारतीय इस सेविंग बांड की खरीद नहीं कर सकेंगे और ये सिर्फ भारत में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ही उपलब्ध हैं। ये सेविंग बांड सिर्फ डीमैट फॉर्म में मिल सकेंगे। इस बांड की अवधि सात साल होगी यानी 7.75 फीसदी ब्याज के हिसाब से अगर आप 1000 रुपये का सेविंग बांड खरीदते हैं तो सात साल बाद आपको 1703 रुपये मिलेंगे और इस 1703 रुपये में से जो 703 रुपये आपको मिलने हैं, उसमें से टैक्स काटा जाएगा, जो करीब 70 रुपये तक हो सकता है।

 

वेब डेस्क, IBC24


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