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ग्राम पंचायतों से पैसे मांगने वाले सरकार के फैसले के खिलाफ एक हुए सरपंच 

Last Modified - January 7, 2018, 2:38 pm

लोरमी इलाकें के सभी 133 ग्राम पंचायतों के सरपंच सरकार के एक फैसले के खिलाफ लामबंद हो गये हैं। सरपंचों की नाराजगी की वजह बना है प्रदेश सरकार को वो फैसला जिसमें 14 वें वित्त की राशि का उपयोग मोबाईल टावर लगानें के लिए किया जाना है। लोरमी इलाकें के नाराज सरपंचो का कहना है कि 14 वें वित्त की राशि का पैसा केंद्र सरकार ग्राम पंचायतों के मूलभूत विकास के लिए जारी करती है। इसकी गाईडलाईन्स में मोबाइल टावर कनेक्टिविटी संबंधी कोई उल्लेख नही है। ऐसे में सरकार जबरदस्ती उनके पंचायतों के विकास कार्यों के लिए आये पैसों से मोबाईल टावर लगानें का काम कर रही है।

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इस संबंध में सभी सरपंचों को जिला पंचायत सीईओ के द्वारा एक आदेश भी जारी कर दिया गया है जिसमें 14 वें वित्त के राशि का केवल 30 परसेंट ही उपयोग पंचायत कर सकेंगे बाकि के 70 परसेंट राशि को मोबाईल टावर के लिए सुरक्षित रखना होगा। लोरमी सरपंच संघ नें यहां के व्यापारी धर्मशाला में बैठक कर इसका विरोध करनें का निर्णय लिया है। लोरमी ब्लाक के सभी सरपंचों नें एक स्वर में सरकार के फैसले के खिलाफ लामबंद होने का निर्णय लिया है।

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नाराज सरपंचों का कहना है कि सरकार यदि अपना फैसला वापिस नही लेती है तो सड़क पर उतरकर चक्काजाम और प्रदर्शन तक करेंगे। गौरतलब है कि बीते दिनों रमन कैबिनेट की हुई बैठक में सरकारी खर्च पर मोबाईल टावर लगानें का फैसला लिया है। इसके लिए 600 करोड़ की स्वीकृति पर कैबिनेट की मुहर भी लग गई है। दरअसल ये पुरी कवायद सरकार के द्वारा बांटे जाने वाले 55 लाख स्मार्ट फोन को लेकर की जा रही है। जिसे सरकार इस वर्ष चुनाव के पहले बांटनें जा रही है।

 

वेब डेस्क, IBC24

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