रायपुर News

रायपुर स्थित अस्पताल में पैसे के चलते गयी बच्चे की जान

Last Modified - January 9, 2018, 1:21 pm

आप किसी भी अस्पताल में जायेंगे उसके बहार बहुत अच्छे कोटेशन लिखे होते है वैसा ही कोटेशन रायपुर शहर के ओम अस्पताल में भी लिखा है "ईश्वर आपकी हर जगह मदद के लिए नहीं आ सकता इसलिए उसने आपकी रक्षा के लिए डॉ को धरती पर भेजा है"। लेकिन आप कल्पना कीजिये की जब ये ही ईश्वर रुपी डॉ लोगों को छलने लगे तो जनता जाये कहा.इस बात का साक्षात् उदहारण उस वक्त देखने को मिला एक तीन साल के मासूम बच्चे की जान सिर्फ बिल बढ़ाने के चक्कर में ले ली गयी.

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 रायपुरा के ओम हास्पिटल में  गुढ़ियारी स्थित एक तीन साल का बच्चा सत्यम बोपचे, जो कि 12 दिन पहले शरीर में गर्म पानी गिरने से बुरी तरह से जल गया था. उसके परिजन बच्चे को शहर के निजी हास्पिटल में इलाज के लिए लाए. यहां डाक्टर की देखरेख में बच्चे का इलाज किया गया लेकिन बच्चे का सही इलाज करने के बजाय अस्पताल के डाक्टरों ने उसे सिर्फ अस्पताल का बिल बनाने के चक्कर में जबरन भर्ती रखा. जबकि बच्चे की हालत गंभीर होने के चलते उसे किसी स्पेशियालिटी या बर्न यूनिट में भर्ती किए जाने की सख्त जरूरत थी. बच्चे के परिजनों को निजी अस्पताल के डाक्टरों ने अंधेरे में रखकर उसका उचित इलाज करने के बजाय बच्चे के घरवालों से पैसे ऐंठते रहे. बच्चे की हालत लगातार खराब होती रही. इस बारे में बच्चे के परिजन जब अस्पताल प्रशासन से बात करते तो वो उन्हें टरकाते रहे. और तो और हद तब हो गयी जब बच्चे को मृत घोषित किया गया उसके बाद उसकी बॉडी को परिजनों को न सौपकर सीधे मेकाहारा भेज दिया गया जिसे लेकर परिजनों ने अस्पताल के सामने बहुत हंगामा किया। 

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डाक्टरों की इस लापरवाही से आक्रोशित बच्चे के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. जब हमने इस बाबत अस्पताल के चिकित्सक से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने हमसे बात करने से इंकार कर दिया. अस्पताल में हुए भारी हंगामे के चलते लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई. घटना की जानकारी होने पर डीडी नगर थाने के पुलिस अधिकारी व पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसी तरह से स्थिति नियंत्रण में की.

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