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कहीं बस्तर जैसे न हो जाए बलरामपुर के हाल

Last Modified - January 9, 2018, 2:46 pm

बलरामपुर जिले के सामरी इलाके में नक्सलियों ने एक बार फिर से उत्पात मचा इलाके के लोग काफी दहशत में जीवन जी रहे हैं। नक्सली उत्पात के बाद पुलिस ने इलाके में सर्चिंग तेज कर दी है लेकिन नक्सलियों पर नकेल नहीं कस पा रही है। क्षेत्रिय विधायक ने इलाके का दौरा कर पुलिस का खुफिया तंत्र फेल होने की बात कहते हुए कहा की अगर प्रशासन ने जल्द इस पर नियंत्रण नहीं किया तो बलरामपुर का हाल कहीं बस्तर जैसा न हो जाए।

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नए साल की शुरुआत में नक्सलियों की खौफनाक साजिश और माईन्स में हुई आगजनी की घटना के बाद पूरा इलाका खौफ में है। 45 से 50 की संख्या में सशस्त्र नक्सलियों ने कुकुद और कुदाग में वाहनों को जिस तरह आग के हवाले किया और फिर बम लगाकर कांटाघर को उडाया और बाद में सुरक्षागार्ड की बेदम पीटाई की जिसके चलते इलाके के लोग काफी दहशत में हैं। लोगों ने अब काम करना बंद कर दिया है, हमले के बाद क्षेत्रिय विधायक प्रीतम राम ने इलाके में जाकर लोगों से मुलाकात की और उनसे जब बात की तो खबर सुनकर उनके भी होश उड गए।विधायक ने बताया की नक्सली लगातार चरहु, पीपरढाबा, चुनचुना, पुनदाग और कुकुद में देखे जा रहे हैं और ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। उन्होने पुलिस का खुफिया तंत्र फेल होने की बात भी कही है वहीं उन्होने चिंता जताई है कि अगर इस पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में बलरामपुर कहीं बस्तर न बन जाए।

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हमले के बाद पुलिस की टीम ने सर्चिंग तेज कर दी है, बलरामपुर मुख्यालय से एसटीएफ की नई बटालियन भेजी है और एसपी ने खुद वहां कैंप किया है। नक्सल आॅपरेशन के एएसपी भी वहां कैंप कर रहे है। पुलिस अधीक्षक ने कहा की ये एक बडी वारदात है और नक्सली बगल के इलाके में ही हैं और सर्चिंग की जा रही है। उन्होने बताया की सामरी और सबाग में सीआरपीएफ का कैंप है वो ड्यूटी तो कर रहे हैं लेकिन सडक निर्माण के काम में वो इंगेज हैं। लगभग एक दशक तक नक्सलवाद का दंश झेल चुके बलरामपुर जिले में पिछले कुछ समय से शांति कायम थी लेकिन साल 2018 की शुरुआत में ही नक्सलियों ने जिस तरह अपनी मौजूदगी का एहसास कराया है वो चिंताजनक बन गया है।

 

वेब डेस्क, IBC24

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