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छापे में मिले 96 करोड़ के नोट, गिनने में गुजर गई रात

Last Modified - January 17, 2018, 5:20 pm

कानपुर। मंगलवार का दिन, दोपहर का वक्त। शहर के दो होटल, एक बड़े बिल्डर के घर और ऑफिस पर करीब-करीब एक ही साथ आईजी क्राइम ब्रांच, एसपी वेस्ट, एसपी पूर्वी और आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने धावा बोला। सूचना पुख्ता थी और छापेमारी की तैयारी सटीक। कानपुर के स्वरुपनगर थाने से ये पुलिस की तीन अलग-अलग टीम अपने-अपने तय ठिकाने की ओर निकली, सबकुछ गोपनीय और इतना गोपनीय कि टीम के कई सदस्यों तक को भी ठिकाने तक पहुंचने से पहले कोई अंदाजा नहीं था।

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एक टीम 80 फिट रोड स्थित होटल पर तो दूसरी टीम ने गुमटी नंबर 5 के एक और होटल पहुंचकर घेराबंदी कर ली, तबतक तीसरी टीम ने बिल्डर के घर पहुंचकर चारों ओर से घेरा डाल दिया। इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई। सबसे पहले तो दोनों होटलों में मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, उनकी पड़ताल की गई और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। बाकी मौजूद लोगों को भी कार्रवाई पूरी होने तक मौके पर ही मौजूद रहने को कहा गया। अब बारी थी तलाशी की और तलाशी में जो बरामदगी हुई, वो बेहद चौंकाने वाला था, हालांकि पुलिस को पुख्ता खबर थी, लेकिन इतनी बड़ी कामयाबी मिलने जा रही है, इसका अंदाजा न था। कार्रवाई पूरी होते-होते रात हो गई और इससे पहले कि हम आपको आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताएं, पहले ये वीडियो तो देख लीजिए...

देखा आपने..इतने नोट बरामद किए गए कि मौके पर कोई भी ये अंदाजा नहीं लगा पा रहा था कि कुल मिलाकर ये बरामदगी कितने की है? ये नोट सूटकेसों में भरे हुए थे, बोरियों में ठूंस-ठूंस कर रखे गए थे। इन नोट में ज्यादातर 500 और 100 रुपये के हैं और 500 रुपये के जो नोट हैं, वो पुराने हैं यानी नोटबंदी के पहले के हैं। नोटबंदी लागू हुए एक साल से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है, ऐसे में ये नोट क्यों सुरक्षित रूप से छिपा कर रखे हुए थे, ये एक बड़ा सस्पेंस है।

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बरामद धन को कैसे और कहां ठिकाने लगाया जान था, इस बारे में तफ्तीश चल रही है। अनुमान है कि नोटों की इस बड़ी खेप को हवाला के जरिए या अन्य माध्यमों से कम दामों में भी बदल लिए जाने की प्लानिंग बनाई गई थी। इतने सारे नोट की गिनती कानपुर थाने में पूरी रात चलती रही और तब जाकर ये खुलासा हुआ कि जब्त किए गए कुल नोट 96 करोड़ 62 लाख रुपये के हैं। 

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इस तरह कानपुर में कालेधन के एक इतने बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया, जो इस शहर ने पहले कभी नहीं देखा था। इस नेटवर्क के कुछ बड़े कारोबारियों समेत 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बिल्डर और उसके भाइयों से भी पूछताछ की गई है। अभी तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, इनमें एक हैदराबाद और दो पूर्वांचल के मनी चेंजर बताए जा रहे हैं। हिरासत में लिए गए लोगों के बताए स्थानों पर छापेमारी की जा रही है और इस सिलसिले में और भी गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना है।  

 

 

वेब डेस्क, IBC24

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