रायपुर News

आदिवासी किसानों की जमीनों की खरीद-बिक्री पर बैन,बेनामी खरीद-बिक्री होंगे रद्द

Last Modified - January 17, 2018, 7:16 pm

छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी किसानों के जमीनों की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए बेनामी खरीदी बिक्री को निरस्त करने के आदेश दिए हैं, लेकिन रायगढ़ ज़िले में आदिवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। आलम ये है, कि छह सौ से ज्यादा किसान अपनी ही ज़मीन के कब्जे के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं।

   

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रायगढ़ ज़िले में जितनी तेज़ी से उद्योगों की स्थापना हुई, उतनी ही तेज़ी से आदिवासी किसानों की ज़मीनों की बेनामी खरीदी-बिक्री के मामले भी सामने आए। लगातार शिकायतों के बाद शासन ने भू राजस्व संहिता की धारा 170 ख के तहत ऐसे किसानों को उनकी ज़मीन वापस दिलाने के निर्देश दिए। किसानों के केस भी दर्ज किए गए, लेकिन राजस्व कोर्ट में ये केस पेंडिंग पड़े हैं, जिसके चलते किसानों को आज तक उनकी ज़मीन वापस नहीं मिल पाई है। 

    

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रायगढ़ ज़िले के 4 ब्लॉक में ये केस ज्यादा ज्यादा हैं। खरसिया ब्लॉक में 279 केस, तमनार ब्लॉक में 143 केस, घरघोड़ा ब्लॉक में 138 केस और रायगढ़ ब्लॉक में 48 केस SDM कोर्ट में पेंडिंग हैं। बड़े कब्जाधारियों की बात करें तो 6 ब्लॉक में 3 सौ 55 हैक्टेयर ज़मीन बड़े उद्योगों के कब्जे में हैं, जिन पर कलेक्टर और SDM कोर्ट में सुनवाई होनी है।

    

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वहीं कलेक्टर का कहना है, कि सभी SDM को प्रमुखता से मामलों के निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना है, अधिकारियों के आश्वासन के बाद कबतक पेंडिंग केसों का निपटारा होता है और किसानों को उनकी ख़ुद की ज़मीन पर कब्जा मिल पाता है।

 

 

अविनाश पाठक, IBC24, रायगढ़

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