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पत्रकार ने शशि थरूर की क्यों लगाई लताड़?

Reported By: Renu Nandi, Edited By: Renu Nandi

Published on 20 Jan 2018 02:39 PM, Updated On 20 Jan 2018 02:39 PM

शशि थरूर को हर कोई जानता है। सुशिक्षित हैं, विद्वान हैं, स्मार्ट हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं।  युवा उन्हें राजनेता के रूप में भी अपना आदर्श मानते हैं और युवाओं में उनकी बड़ी फैन फॉलोविंग है। एक खेल प्रेमी के रूप में भी उनकी पहचान है और वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया का हौसला बढ़ाते या केरल की आईपीएल टीम कोच्ची टस्कर्स के मुक़ाबलों को देखने अक्सर जाते रहे हैं। उन्होंने कई बार क्रिकेट पर आर्टिकल भी लिखा है। थरूर राजनेता बनने के पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजनयिक थे। वह इतने प्रभावशाली और जाने माने थे कि एक दौर में संयुक्त राष्ट्र महासचिव की दौड़ में भी शामिल थे, हालांकि अमेरिकी कूटनीति की सफलता ने उन्हें ये मौका नहीं दिया और बान की मून  को 2006 में ये प्रतिष्ठित पद मिला। शशि थरूर आज भले ही कांग्रेस के संसद है लेकिन उनके शब्दों का वर्चस्व इतना है कि क्रिस्टोफर हिचंस जैसे 20वीं सदी के सबसे जाने माने वक्ताओं के साथ मंच साझा करने का भी इन्हें मौका मिला था। इसके बाद उन्होंने 15 मिनट  के ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन की वाट विवाद प्रतियोगिता में  दुनिया के जाने माने वक्ताओं को शांत कर दिया था।  

 

ऑक्सफ़ोर्ड यूनियन का भाषण देखें :

 

 

अब आप सोच रहे होंगे कि फिर ऐसा  क्या हुआ कि एक जाने माने पत्रकार ने संसद शशि थरूर को लताड़ दिया, तो 

बात यह है कि भारत के दक्षिण अफ्रीका टूर के दौरान ऋद्धिमान साहा को चोट लगने के बाद जब दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल को टीम में बुलाया गया तब एक पत्रकार में भारतीय क्रिकेट में स्पेशलिस्ट विकेट कीपर के अभाव पर लेख लिखा था। शशि थरूर को आश्चर्य हुआ कि उनके राज्य केरल के हरफनमौला विकेटकीपर का नाम उस लिस्ट में नहीं था।  इस आपत्ति को जताते हुए थरूर ने एक ट्वीट किया।

 

इस ट्वीट पर भारतीय क्रिकेट के जाने माने पत्रकार मकरंड वैनगंकर को गुस्सा आया और उन्होंने शशि थरूर को लताड़ते हुए कहा कि वह क्रिकेट में राजनीति न लाएं।  वह केरल से सांसद भले ही हों, पर यदि वह केरल क्रिकेट टीम के कोच से संजू सेमसन की विकेट कीपिंग के बारे में पूछेंगे तो उन्हें खुद पता चल जायेगा की वह बैट्समैन भले ही अच्छे हों पर विकेट के पीछे काफी कच्चे हैं ।

 

 

मकरंद ने उन्हें यह बताया कि यदि संजू इतने अच्छी विकेटकीपर होते तो केरल लीग मैच में विदर्भ से नहीं हारता। संजू के आसान कैच और छोड़ना केरल की विदर्भ से हार का कारण बना। मकरंद ने थरूर को आड़े हाथ लेते हुए यह भी सवाल किया कि अगर वो केरल क्रिकेट के इतने हितैषी हैं तो 2016 में ऑस्ट्रेलियाई पेसर जेफ्फ थॉम्पसन ने केरल में कैंप लगाया था तब वे कहा थे? थरूर ने इस मुद्दे पर वापस कुछ ट्वीट नहीं किया है पर पहली बार युवाओं ने अपने हीरो छोड़ एक पत्रकार का साथ दिया है.

वेब टीम IBC24

Web Title : Why did a senior journalist lose his temper at Shashi Tharoor?

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