News

फिल्म रिव्यू -पद्मावत

Created at - January 24, 2018, 6:33 pm
Modified at - January 24, 2018, 6:33 pm

चिंता को तलवार की नोक पर रखे वो राजपुत इसे साबित कर दिया है फिल्म पद्मावत ने .भारी विरोध के बाद आखिर पद्मावत' फिल्म को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी। बावजूद इसके हर तरफ इसका विरोध चल रहा कल फिल्म के निर्माताओं ने इस फिल्म की की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी जिसमे खास कर फिल्म जगत की हस्तियां और मीडिया के लोगों को इन्वाइट किया गया था। 

 

 

इस फिल्म को जितना विवाद झेलना पड़ा उसके बाद भी एक ही बात कही जा सकती है की इससे बेहतर कोई ऐतिहासिक फिल्म बना ही नहीं सकता। 

प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने इस फिल्म को साढ़े चार रेटिंग दी है उन्होंने फिल्म को एक शब्द में बयां किया है आउटस्टेंडिंग बोल लिख कर -

 

 शूटिंग के दौरान से ही विवादों का शिकार रही इस फिल्म के प्रड्यूसर से लेकर कलाकारों तक को विरोध, बैन, कोर्ट के फैसले के बावजूद हिंसक विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन हजारों नए सवाल और अफवाहें फैलाकर फिल्म के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है जबकि देखने के कुछ घंटों के बाद तक यह फिल्म न सिर्फ आंखों को जगमगाए रखती है बल्कि भंसाली की दिलचस्प कहानी कहने की कला दिल और दिमाग पर भी देर तक असर करती है। 

निर्देशक- संगीत : संजय लीला भंसाली

कलाकार : दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, अदिति राव हैदरी, जिम सर्भ, रज़ा मुराद

रिलीज डेट : 25 जनवरी 2018 

 

इन विरोध प्रदर्शनों के बीच सवा तीन घंटे की फिल्म को काट कर कुछ कम किया गया, लेकिन फिल्म में दिलचस्पी कहीं कम नहीं होती। हालांकि भंसाली लिखित में दे चुके हैं, आपको बता दें की इस फिल्म में न कोई किसिंग सीन  है और न खिलजी और पद्मावती के कोई ड्रीम सीक्वेंस।

 

क्या है कहानी -संजय लीला भंसाली की फिल्म  पद्मावत  प्रसिद्ध हिंदू राजपूत रानी पद्मिनी की किंवदंती पर आधारित है जिसका वर्णन सूफी कवि मलिक मुहम्मद जयसी द्वारा 1540 में लिखित कविता पद्मवत में मिलता है। वह मेवाड़ के राजपूत शासक रावल रतन सिंह की पत्नी थी। 1303 में दिल्ली सल्तनत के तुर्क शासक अलाउद्दीन खिलजी ने राजपूताना में चित्तौड़ किले को घेर लिया। रानी पद्मिनी को पकड़ने के लिए उसने आक्रमण कर लिया। मरने के पहले पुरुषों ने कई दुश्मनों को मार गिराया। वहीं रानी पद्मिनी ने कई महिलाओं के साथ अपना सम्मान बचाने के लिए जौहर किया।

फिल्म में कैमरे ,संगीत और डायलॉग डिलेवरी आपको पुरे सवा तीन घंटे बांधे रखने की ताकत रखती है।

तालियां बटोरते डायलॉग 

जब राजपूत अपने मिटटी और मान के लिए लड़ता है तो उसकी गूंज सदियों तक रहती है..

राजपूती कंगन में उतनी ही ताकत है जितनी राजपूती तलवार में .. 

चिंता को तलवार की नोक पर रखे वो राजपुत..

ऐसे कई पंच फिल्म में सुनने मिलेंगे जिसे सुनकर आप भी आनंदित होंगे 

WEB TEAM IBC24

 


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

Related News