News

नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) के सिलेबस में बड़ा बदलाव

Last Modified - January 29, 2018, 1:38 pm

 

 कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की तैयारी में जुटे हजारों युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए अनिवार्य नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) के सिलेबस और परीक्षा के समय में बड़ा बदलाव किया है. नेट परीक्षा सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेन (सीबीएसई) की ओर से आयोजित की जाती है.जानकारी अनुसार 8 जुलाई को होने वाली परीक्षा में पहली बार यूजीसी नेट का नया पैटर्न लागू होगा। हर साल  जनवरी और जुलाई में होने वाली यूजीसी नेट में ट्राईसिटी से करीब 10 हजार और देश भर से 6 लाख स्टूडेंट अपीयर होते हैं। 

 ये भी पढ़े - एनएमडीसी में मेन्टेनेस असिस्टेंट एवं अन्य पदों पर होगी भर्ती 12 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित

जानकारी अनुसार जूनियर रिसर्च फैलो (जेआरएफ) के लिए पहली बार आयु सीमा को दो साल बढ़ा दिया है। स्टूडेंट्स 28 की जगह 30 साल की उम्र तक जेआरएफ नेट परीक्षा के लिए योग्य होंगे। पोस्ट ग्रेजुएट में 55 फीसद अंक पाने वाले ही यूजीसी नेट और जेआरएफ में अपीयर हो सकते हैं.

 ये भी पढ़े - छत्तीसगढ़ व्यापम में होगी सीधी भर्ती, अंतिम तिथि 29 जनवरी

यूजीसी नेट में पहले तीन पेपर होते थे। अब विद्यार्थियों को सिर्फ दो पेपर देने होंगे। परीक्षा में सवालों की संख्या भी कम कर दी गई है। पहले तीनों पेपर में 175 सवाल पूछे जाते थे, जिन्हें कम कर अब 150 कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार पहले पेपर में 50 आब्जेक्टिव प्रश्न होंगे। इसमें टीचिंग, रिसर्च एप्टीट्यूट, रिजनिंग, कंप्रीहेंशन के अलावा पहली बार जनरल अवेयरनेस (जीके)  को भी शामिल किया गया है। दूसरे पेपर में 100 सवाल होंगे। दोनों पेपर के जवाब वैकेल्पिक होंगे। नए पैटर्न के तहत पहला पेपर सुबह 9.30 से 10.30 बजे और दूसरा पेपर 11 बजे से 1 बजे तक होगा। पहले परीक्षा शाम 4.30 बजे तक होती थी.

 वेब टीम IBC24

Trending News

Related News