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भूमि डायवर्सन कानून समाप्त करने के लिए जोगी ने सीएम रमन को लिखा पत्र

Last Modified - January 29, 2018, 5:16 pm

रायपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को पत्र लिख भूमि डायवर्सन कानून को आम जनता के हितों के लिए समाप्त करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अमित जोगी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भू-राजस्व संहिता की धारा 172 के तहत भूमि व्यपवर्तन कानून प्रभावशील है जिसमें वाणिज्यिक प्रयोजन के तहत किसी परिसर के उपयोग में आंशिक रुप से निवास एवं आंशिक रुप से व्यवसाय को भी वाणिज्यिक प्रयोजन के उपयोग में सम्मिलित किया गया है जिसके चलते आम जनता को डायवर्सन के नाम पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं आज प्रदेश में कई हजार प्रकरण कई सालो से लंबित पड़े है जिनका निराकरण नहीं हो पा रहा है तथा डायवर्सन के नाम पर दलाली और भ्रष्टाचार की शिकायते भी आम हो चली है।

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जोगी ने आगे लिखा है कि डायवर्सन के अभाव में जरुरतमंद लघु एवं मध्यम वर्ग के व्यापारियों को व्यवसाय एवं उद्योग के लिए बैंको के माध्यम से ऋण मुहैया नहीं हो पाता है। इसके अलावा किसान को भी कृषि ऋण के लिए निर्धारित सीमा के अंतर्गत ही अल्प ऋण प्राप्त हो पाता है जो कि भेदभाव एवं असमानता का परिचायक तो है ही और व्यापारियों और किसानो के साथ ही साथ प्रदेश के विकास में भी बाधक है।

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डायवर्सन के अभाव में जमीन की कीमतों में भी असमानता रहती है उक्त कारणों से ही आम जनता को डायवर्सन की जटिलताओं और विसंगतियों से होने वाली क्षति को ध्यान में रखते हुए ही मध्यप्रदेश सरकार ने डायवर्सन नियम को प्रदेश में समाप्त कर दिया है। अमित जोगी ने पत्र में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से अपील की है कि आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य में प्रचलित डायवर्सन नियम को समाप्त करें।

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वेब डेस्क, IBC24

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