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दिल्ली के बाद छत्तीसगढ़ की बारी, 11 संसदीय सचिवों की नियुक्ति मामले में सुनवाई

Last Modified - January 30, 2018, 4:50 pm

छत्तीसगढ़ में 11 संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर मंगलवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों में लंबी बहस के बाद सुनवाई अधूरी रह गई अब मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी.

आपको बतादें कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने संसदीय सचिवों को अयोग्य घोषित करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. दिल्ली में आप पार्टी के 20 विधायकों को चुनाव आयोग के अयोग्य घोषित करने के बाद छत्तीसगढ़ में संसदीय सचिवों के खिलाफ सख्त फैसला लिया जा सकता है.

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दिल्ली के बाद छत्तीसगढ़ की बारी

दिल्ली में प्रशांत पटेल नामक वकील ने संसदीय सचिवों के पद को लाभ का पद बताकर राष्ट्रपति के पास शिकायत कर 21 विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी. राष्ट्रपति ने मामला चुनाव आयोग के पास भेजा और चुनाव आयोग ने मार्च 2016 में 21 विधायकों को नोटिस भेजा. जिसके बाद सुनवाई शुरू हुई और EC ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है।

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आप विधायकों के पास संसदीय सचिव का पद 13 मार्च 2015 से 8 सितंबर 2016 तक था। इसलिए 20 आप विधायकों पर केस चलेगा केवल राजौरी गार्डन के विधायक जरनैल सिंह को छोड़कर क्योंकि वह जनवरी 2017 में विधायक पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

 

वेब डेस्क, IBC24

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