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रमन सिंह विपक्ष से डर कर अपने फैसले वापस ले लेते हैं -भूपेश बघेल

Last Modified - February 5, 2018, 12:15 pm

छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायतों से मोबाइल टावरों की राशि वसूलने के फैसले को रमनसिंह सरकार द्वारा वापस लेने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक दल के नेता टी एस सिंहदेव ने इसे आदिवासियों की जमीन हड़पने के लिये लाये गए भूराजस्व संहिता संशोधन की वापसी के बाद कांग्रेस की एक और सफलता बताया है.

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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल  ने कहा है कि यह दूसरा काला फैसला है जिसे सरकार को कांग्रेस के दबाव में वापस लेना पड़ा है. इससे पहले आदिवासियों की ज़मीन हड़पने का काला क़ानून भाजपा सरकार को वापस लेना पड़ा था. दोनों नेताओं ने कहा है कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए दिए गए 14वे वित्त आयोग के पैसों से निजी कंपनी के लिए मोबाइल टॉवर लगाने का रमन सिंह का षडयंत्र नाकाम हुआ है.

साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे पंचायतों और जनता के विकास में कम और उद्योगपतियों के  तरक्की पर ज़्यादा दिलचस्पी है. कांग्रेस हमेशा से पंचायती राज को मज़बूत करने के पक्ष में रही है और मानती है कि जनहित के सभा फ़ैसले करने कि हक़ पंचायतों और ग्राम सभा को ही होने चाहिए. कांग्रेस जनहित के हर मुद्दे पर लड़ती रहेगी. उक्त जानकारी कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने दी है.

.ग्रामपंचायतों के अधिकारों पर डाका डालने की रमन सरकार की साजिश अंततः विफल हुई. नेता द्वय ने कहा है कि जन अधिकारों को छिनने की भाजपा सरकार की कोशिशों का कांग्रेस डटकर विरोध करेगी और कभी सफल नहीं होने देगी. मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को 14वें वित्त आयोग के पैसे मोबाइल टॉवर लगाने के लिए पंचायतों से 610 करोड़ उगाहने का फ़ैसला वापस लेना पड़ा है. यह सरपंचों की लड़ाई की जीत है. कांग्रेस के दबाव ने भी भाजपा सरकार को इस फैसले के लिए बाध्य किया.

वेब टीम IBC24

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