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शिक्षाकर्मियों का नया आंदोलन वेतन नहीं, तो अंगुठा नहीं

Last Modified - February 6, 2018, 6:28 pm

आखिरकार शिक्षाकर्मियों ने आज सरकार को दो टूक जवाब देना शुरू कर दिया है। लंबे समय से वेतन की मांग कर रहे शिक्षाकर्मियों के सब्र का बांध आज टूट ही गया . कभी चना बूट बेचकर कभी खेती किसानी करने के बाद भी जब सरकार शिक्षाकर्मियों को समय पर वेतन नहीं दे रही है तो आज से उन्होंने भी बायोमीट्रिक मशीन का बहिष्कार कर दिया है.

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 हालांकि आज सिर्फ  दुर्ग जिले से इसकी शुरुआत हुई है लेकिन जल्द ही इस आंदोलन को अन्य विकासखंडों में  लागु किया जायेगा।  हालांकि पहले ही शिक्षाकर्मियों ने अल्टीमेटम दे दिया था कि अगर सरकार की तरफ से तय किये गये 5 तारीख के वक्त तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो शिक्षाकर्मी “वेतन नहीं, तो अंगुठा नहीं” आंदोलन करेंगे। 

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आज दुर्ग क्षेत्र के शिक्षाकर्मियों ने स्कूल खुलते ही बायोमीट्रिक मशीन का बहिष्कार किया और सरकार के खिलाफ नाराजगी का इजहार किया। शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के मुताबिक जिन पांच जिलों में बायोमीट्रिक प्रणाली को लागू किया गया था.उन सभी जिलों में इसी तरह का प्रदर्शन हो रहा है. आज शिक्षाकर्मियों ने इस बात अल्टीमेटम भरा आवेदन कलेक्टर दुर्ग, जनपद पंचायत सीईओ, डीईओ और बीईओ कार्यालय के भेजा गया था। वीरेंद्र दुबे ने कहा है कि बायोमीट्रिक के बहिष्कार के बाद अब इसकी अगली कड़ी में शिक्षाकर्मी स्कूलों में लगे बायोमीट्रिक को अपने-अपने विकासखंड मुख्यालयों में जमा करा देंगे।

 

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दरअसरल प्रदेश भर में नियमित वेतन ना मिलने से शिक्षाकर्मियों में हाहाकार मचा है. लाख आश्वासन के बाद भी मुख्यमंत्री के आदेश के अनुरूप 5 तारीख तक वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है, हद तो ये हो रही है कि अब दो-दो, तीन-तीन महीने तक वेतन बकाया हो जा रहा है।

 

 

 

वेब टीम  IBC24

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