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हनीट्रेप मामलाः कटारे का साथ देने का आरोप झेल रही ASP को SIT में नहीं मिली जगह

Last Modified - February 6, 2018, 7:58 pm

भोपाल। कांग्रेस के युवा विधायक हेमंत कटारे हनीट्रेप और ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस का दौहरा चरित्र सामने आया है। जिसके बाद एक तरफ तो पुलिस महिला अपराध के प्रति गंभीरता और तत्परता से काम करने की बात करती है दूसरी तरफ महिलाओं की शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। दरअसल विधायक हेमंत कटारे की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने इतनी ज्यादा तत्परता दिखाई की लड़की को शिकायत के कुछ मिनटों के बाद ही गिरफ्तार कर लिया, पुलिस ने ये भी जहमत नहीं उठाई की लड़की से सही से पूछताछ करके मामले की सत्यता की जांच की जाए, हालात ये हैं कि छोटे छोटे मामलों में आरोपियों का रिमांड लेने वाली क्राइम ब्रांच ने लड़की का पुलिस रिमांड भी नहीं लिया, अगर पुलिस रिमांड लेकर सही ठंग से पूछताछ की जाती तो लड़की को जेल से ही शिकायती पत्र लिखकर मदद की गुहार नहीं लगानी पड़ती।

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किरकिरी होने के बाद भोपाल पुलिस ने ही शिकायती पत्र को आधार बनाया और विधायक पर अपहरण के साथ साथ बलात्कार का मामला दर्ज किया। दबाब के चलते पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया लेकिन अब तक इस मामले में हेमंत कटारे को गिरफ्तार करने की कोशिश तक नहीं की है, हेमंत कटारे मामले में काफी किरकिरी के बाद अब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने 9 सदस्यीय एसआईटी गठित कर दिया गया है। हालाकि एसआईटी में अधिक्तर पुलिस अफसर वहीं है जो मामले की जांच में शामिल हैं रहे अपवाद रही एएसपी रश्मिी मिश्रा जिन पर आरोपी युवती ने हेमंत कटारे का साथ देने का आरोप लगया था।

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9 सदस्यों वाली इस स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम से उनका नाम कट जान कहीं न कहीं इस आधार को पुख्ता करता है कि पीएचक्यू को भी एएसपी के एसआईटी में होने से मामले के प्रभावित होने की आशंका थी। वहीं छात्रा के वकील की माने तो पुलिस को अब तक कटारे को गिरफ्तार कर लेना चाहिए था लेकिन वो ऐसा किस वजह से नहीं कर रही है यह बड़ा सवाल है। वकील के मुताबिक कानूनी पक्ष ये है कि गंभीर अपराध की एफआईआर होते ही गिरफ्तारी के प्रयास किए जाना चाहिए। 

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24

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