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अक्षय की पैड मेन से पहले इस एनआरआई 'पैड वुमन' से मिलिए

Last Modified - February 9, 2018, 5:30 pm

नरसिंहगढ़मध्यप्रदेश की एनआरआई माया पैड वुमन के नाम से जानी जाती है, उनकी सामाजिक सरोकार की गूंज अमेरिका के लास एंजलिस तक पहुंचने लगी है और यही वजह है कि अमेरिका में रहने वाले एनआरआई दीपक पारेख माया के इस प्रोजेक्ट को समझने नरसिंहपुर आ पहुंचे और वह यहां आकर इतने प्रभावित हुए की अब भारत के हर कोने में सस्ते और हाइजेनिक पैड सुलभ करने के लिए देशभर में उसके कारखाने खोलने का मन बना रहे है जिससे गरीब महिलाओं तक पैड पहुंच सके और उन्हें संक्रमण की चपेट में आने से बचाया जा सके ताकि उन्हें बच्चेदानी निकलवाने के लिए मजबूर न होना पड़े एनआरआई दीपक बताते है कि अमेरिका में सब महिलाए पैड के महत्व को जानती है पर भारत के ग्रामों में रहनेवाली महिलाओं बेटियों को न पैड की जानकारी है और महंगे होने की वजह से वे इसे यूज भी नहीं कर पाती थी, लेकिन माया के इस ड्रीम प्रोजेक्ट ने मुझे इतना प्रभावित किया कि में भी इस मुहिम का हिस्सा बनने से खुद को नही रोक पाया और भारत आ गया अब हम मिलकर इसे बड़ा स्वरूप देंगे ताकि हम महिला बच्चियों तक सस्ते पैड उपलब्ध करा सके जिससे वह माहवारी के दिनों की परेशानियों से निजात पाये और खुद को संक्रमण से भी बचा सके।

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पैडमेन की लोकप्रियता को भी पीछे छोड़ने वाली एनआरआई पैड वुमन ने पहले तो सस्ते और हाइजेनिक पैड बनाने के कार्य को अंजाम देते हुए महिलाओं को रोजगार भी दिया पर अब वह इससे भी एक कदम आगे बढ़कर पूरे मध्यप्रदेश में एक जागरूकता अभियान छेड़ चुकी है और माया ने आदिवासी अंचल में यात्रा भी शुरू की जिससे ग्रामीण महिलाओं को उसके उपयोग के लिए जागरूक किया जा सके और उन्हें इसके आभव में होने वाली पीड़ा से भी बचाया जा सके इसके लिए बाकायदा खुद गाड़ी चलाकर माया गांवों में पहुंच रही है और ग्रामीण महिलाओं को समझाने उनके रंग में भी रंगती नजर आ रही जिससे सौहाद्रपूर्ण माहौल बने और महिलाए निःसंकोच होकर अपनी परेशानियों को समझ सकें।

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जैसे ही माया का संदेश और जागरूकता वाहन ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचा महिलाओं ने उनका स्वागत करते हुए अभिवादन किया और वहां की महिलाओं ने हमारी टीम को बताया कि पैड क्या होता है आज के पहले हमें पता ही नही था हम तो पकड़ा उपयोग करते है पर दीदी ने आकर हमे बताया कि यही कपड़ा हमारी सब परेशानियों की वजह बनता है और हमे अस्पताल तक पहुंचता है साथ ही पैड का उपयोग कैसे किया जाए इसकी भी जानकारी दी।

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परदेश से आकर अपने स्वदेश की महिलाओ के लिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और स्वाबलंबन की ओर ले जाने की दिशा में पैड वुमन माया का यह योगदान एक मिसाल बनता जा रहा है भारतीय महिलाओं की सशक्तिकरण की यह पहल ही पैड वुमन को आम से खास बना रही है।

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24

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