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11 मार्च को लोकसभा की 3 सीटों के उपचुनाव, राजस्थान की हार से भाजपा सतर्क

Created at - February 9, 2018, 2:34 pm
Modified at - February 9, 2018, 2:34 pm

नई दिल्ली। 1 फरवरी को संसद में जब केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली नरेंद्र मोदी सरकार का आम बजट पेश कर रहे थे, उसी दिन राजस्थान और पश्चिम बंगाल में लोकसभा की तीन और विधानसभा की 2 सीटों के उपचुनाव की मतगणना चल रही थी। इन पांचों में से भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली और राजस्थान की अलवर, अजमेर लोकसभा के साथ-साथ मांडलगढ़ विधानसभा की सीट कांग्रेस ने उसके हाथों से छीन ली। अब तीन और लोकसभा सीटों और विधानसभा की दो सीटों के लिए उपचुनाव होने जा रहे हैं, जिसकी तारीख का ऐलान कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और फूलपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के अलावा बिहार की अररिया लोकसभा सीट के लिए 11 मार्च को वोट डाले जाएंगे। इनके अलावा बिहार के जहानाबाद और भभुआ विधानसभा के जनप्रतिनिधियों के चुनाव के लिए भी उसी दिन मतदान होगा। इन सभी सीटों पर होने वाले उपचुनाव की मतगणना 14 मार्च को होगी।

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर सीट से पहले योगी आदित्यनाथ सांसद थे, जिनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से ये सीट खाली थी। गोरखपुर लोकसभा सीट योगी आदित्यनाथ के पहली बार सांसद बनने से लेकर अभी तक हमेशा वही जीतते रहे हैं, इसलिए इसे भाजपा की ही नहीं, योगी की सीट भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश की दूसरी लोकसभा सीट फूलपुर है, जहां से राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सांसद थे। मौर्य के इस्तीफा देने के बाद से ये सीट खाली पड़ी थी।

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बिहार की अररिया लोकसभा सीट राजद के सांसद तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद से खाली है। अररिया को राजद और खासकर तस्लीमुद्दीन का गढ़ माना जाता रहा है, जहां से वो 2014 में मोदी लहर के बावजूद जीते थे। अब राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के जेल में होने और तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद राजद के लिए इस सीट को बचा पाना नाक का सवाल बना हुआ है। बिहार की ही जहानाबाद और भभुआ विधानसभा सीट की बात करें तो जहानाबाद से राजद के विधायक मुंद्रिका सिंह यादव पिछली बार जीते थे, जिनके निधन के कारण यहां चुनाव हो रहा है। भभुआ सीट भाजपा विधायक आनंद भूषण पांडेय के निधन से खाली हुई है। 

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इन उपचुनावों के लिए 13 फरवरी से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी, 20 फरवरी तक नामांकन भरे जा सकेंगे, नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 23 फरवरी है। भाजपा इन उपचुनावों में राजस्थान की हार की भरपाई करने में जुटी है। उत्तर प्रदेश की दोनों लोकसभा सीट तो पहले से उसके पास है, लेकिन बिहार की अररिया सीट राजद से जीतने के लिए उसे खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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