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तेज आंधी और बारिश पर भी जोगी मय हुआ राजनांदगांव

Created at - February 12, 2018, 12:01 pm
Modified at - February 12, 2018, 12:04 pm

पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी रविवार शाम अपनी चुनौती यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री रमन सिंह के निर्वाचन मुख्यालय राजनांदगांव पहुंचे। निर्धारित सभा स्थल बारिश के चलते बदला गया था। इसके बाद भी अजीत जोगी ने आनन फानन में अपनी चुनौती यात्रा का शंखनाद बाबा फतेहसिंह हाल में किया। जोगी ने अपने समर्थकों के साथ सीएम रमन सिंह को उनके ही विधानसभा में उनके खिलाफ चुनाव लडऩे की चुनौती देते हुए पार्टी के चुनौती पत्र में हस्ताक्षर किए। इसके बाद उन्होंने 90 विधानसभा से आई मिट्टी से छत्तीसगढ़ महतारी का तिलक करते हुए अपने राजनांदगावं विधानसभा सीट से चुनाव लडऩे की घोषणा की। 

 

 जोगी समथकों का उत्साह कम नहीं हुआ। निर्धारित समय से करीब 5 घंटे लेट होने के बाद भी समर्थक जोश के साथ फतेह सिंह हाल में पहुंचे। भारी संख्या में समर्थकों के बीच जोगी ने अपने ही लहजे में भाषण दिया। इस दौरान हाल में जोगी जोगी के नारे गूंजते रहे। उल्लेखनीय है कि अजीत जोगी ने सीएम रमन सिंह को उनके ही निर्वाचन विधानसभा से चुनाव लडऩे की खुली चुनौती दे दी है। इस चुनौती से जहां छजकां के कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है। वहीं भाजपा के संगठन के माथे पर चिंता की लकीरें स्पष्ट दिखाई दे रही है। लंबे समय से अजीत जोगी रमन सिंह को चुनौती देते आ रहे हैं। लेकिन, इस बार एक चुनाव विधानसभा चुनाव के पूर्व उनके ही निर्वाचन मुख्यालय में खुली चुनौती देकर माहौल गर्मा दिया है। 

 

रमन को हराऊंगा

अजीत जोगी ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे राजनांदगांव से चुनाव लड़कर सीएम रमन सिंह को हराएंगे। ये लड़ाई दिए और रौशनी की होगी। राजनांदगांव विधानसभा में चुनाव के दौरान पानी की तरह पैसा बहेगा। उन्होंने जनता से अनुरोध करते हुए कहा कि पैसा जरूर लेना लेकिन वोट अपनी मर्जी से देना। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव छत्तीसगढ़ का सबसे सुंदर शहर बनेगा। इसके लिए वे जी जान से मेहनत करेंगे। क्योकि पिछले 14 सालों में शहर की सुंदरता हो सीएम के नुमांइदों ने ग्रहण लगा दिया है। बेतरतीब काम करवाकर शहर को खंडहर में बदल दिया है। 

 

 

 

 

लगाई आरोपों की झड़ी

जोगी ने सीएम रमन सिंह और उनके पुत्र सांसद अभिषेक सिंह पर सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। पनामा पेपर लीक में सांसद अभिषेक सिंह का नाम आना। नान घोटाले में सीधे तौर पर सीएम का नाम आना। भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस भ्रष्टाचार से कमाए गए पैसों को सीएम ने स्वीट्जरलैंड के बैंक यूबीएस एवी में जमा कर रखा है। 

 

राजनांदगांव की जनता करेगी फैसला

उन्होंने साफतौर पर कहा कि सीएम रमन सिंह 14 सालों में राजनांदगांव की जनता को पीने के लिए पानी तक नहीं दे पाए। इसलिए अब राजनांदगांव की जनता फैसला करेगी कि किसे इस बार चुनाव में पानी पिलाना है। 

रमन है पर विकास नहीं

उन्होंने सीएम रमन सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राजनांदगांव में रमन सिंह सीएम रहते हुए विकास नहीं कर पाए। यहां पर रमन तो है, लेकिन विकास नहीं। उन्होंने कहा कि राजाओं के जमाने के इस शहर में घटिया निर्माण कार्य करवाकर शहर की सूरत ही बदल दी है। इसके लिए जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। 

 

कुपोषण, बेरोजगारी, किसान आत्महत्या के मामलों में घेरा

जोगी ने सीएम रमन सिंह को उनके ही निर्वाचन मुख्यालय में तीन बड़े मुद्दों पर घेरा। इनमें सबसे पहले उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिला कुपोषण में पूरे राज्य में अव्वल है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही 35 हजार 5 सौ बच्चे यहां कुपोषित है। बेरोजगारी के आंकड़ों को लेकर कहा कि राजनांदगांव जिले में करीब 2 लाख 50 हजार बेरोजगारों की संख्या है। किसान आत्महत्या के मामलों में उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा कि किसानों के आत्महत्या के मामले में राजनांदगांव कवर्धा जिला पूरे राज्य में अव्वल है। जहां पूरे प्रदेश में जितने किसानों ने आत्महत्या की है। उनके मुकाबले 25 प्रतिशत किसान राजनांदगांव कवर्धा जिले से हैं। अब ऐसे में क्या विकास किया है डाक्टर रमन सिंह ने। जोगी के इन तीखे सवालों ने समर्थकों में और भी जोश भर दिया। इस दौरान ऐ दारी जोगी के बारी नारों से हाल गूंजता रहा। 

 

दिग्विजय दास, किशोरी लाल के आदर्शों पर लडूग़ा चुनाव

जोगी ने कहा कि जिस राजा दिग्विजय दास ने राजनांदगांव की जनता के लिए अपना सब कुछ दान कर दिया। वहीं किशोर लाल शुक्ल जैसे महापुरूषों ने  अपने आदर्शों से शहर को पहचान दिलाई, वे भी उनके ही आदर्शों पर चल कर राजनांदगांव का विकास करेंगे। 

 

राजनीतिक और सामाजिक हत्या का प्रयास

सभा को संबोधित करते हुए विधायक अमित जोगी ने कहा कि सीएम रमन सिंह ने उनके परिवार की राजनीतिक और सामाजिक हत्या का प्रयास किया है। सबसे पहले उनके ऊपर 2003 में सीबीआई में मामला दर्ज कराया। जिस पर न्यायलय ने उन्हें बरी कर दिया। इसके बाद भी हत्या और डकैती जैसे मामले दर्ज कराए गए। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग ये कहते हैं कि जोगी और रमन सिंह में सेंटिंग हो गई है, वो आज ये देख लें कि छजकां राजनांदगांव में ही सीएम को चुनौती देने पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों की आत्महत्या का बदला लेने के लिए अजीत जोगी राजनांदगांव सीट से चुनाव लड़ेंगे। ये लड़ाई रमन और जोगी के बीच होगी। उन्होंने कहा कि 14 साल में राजनंादगांव में विकास होने की बात कही जाती है। तो क्या यही विकास है। राजनांदगांव कुपोषण, बेरोजगारी और किसानों की आत्महत्या जैसे मामलों में अव्वल है। वहीं 14 सालों में रमन सिंह अपने क्षेत्र की जनता को पीने का पानी तक नहीं उपलब्ध करा सकें है। मूलभूत सुविधाओं के लिए राजनंादगांव की जनता तरस रही है। उन्होंने राजनांदगांव और मारवाही की तुलना करते हुए कहा  कि विकास देखना है तो मारवाही आए। जहां 14 साल विपक्ष में रहते हुए भी विकास कार्यों को अंजाम दिया गया है। जो कि पूरे राज्य के लिए उदाहरण है। उन्होंने कहा कि लैंको में 50 बेरोजगारों को नौकरी नहीं दिया पाए। स्टील प्लांट जैसे खोखले वादे किए। इसके बाद भी विकास की झूठी बाते कहते हुए राजनांदगांव की जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है। जो कि अब छजकां होने नहीं देगी। 

 

 बोले मीडिया में 

 अंत में जोगी पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि सीएम रमन सिंह को चुनौती देने के पीछे जनता के बीच उनका सच लाना है। ये सरकार केवल छल और झूठे दिखावो से चल रही है। जनता के बीच इनकी हकीकत को सामने लाना जरूरी है। राजनांदगांव से ही चुनाव लडऩे के पीछे उनकी मंशा पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि किसानों की आत्महत्या का बदला लेने के उद्देश्य से वे चुनाव के मैदान में आ रहे हैं। क्योंकि वे छत्तीसगढ़ में किसानों की आत्महत्या के मामले बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसलिए वे यहां से चुनाव लड़ेंगे। 

 

सभा में जोगी ने सीएम से पूछे 11 सवाल

 

 बीएनसी मिल क्यों चालू नहीं हो सका।

 

 स्टील प्लांट लगाने के वादे का क्या हुआ। 

 

 मोंगरा का पानी टेड़ेसरा की एक फैक्ट्री को क्यों दिया जा रहा है। 

 

 राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से 25 आवश्यक टे्रनां का स्टापेज क्यों नहीं करवा पाए।

 

 रिंग रोड के लिए जिन किसानों ने जमीन दी, उनको मुआवजा क्यों नहीं दिया गया। 

 

 सौ करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी मेडिकल कालेज रिफर सेंटर ही क्यों बना है।

 

 सीएम विदेश निवेश लाने जाते है कि  करने। 

 

 अगुस्ता घोटाले की जांच क्यों नहीं की।

 

 नान घोटाले में नाम आने के बाद भी सीबीआई जांच क्यों नहीं कराई।

 

 कुपोषण में राजनांदगांव जिला अव्वल क्यों है। 

 

 देश में राजनांदगांव जिला पिछड़ा वर्ग की सूची में कैसे आया।

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