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आतंकवाद बढ़ेगा तो पाकिस्तान में कुछ नहीं बचेगा-फारुक, वार्ता ही रास्ता-महबूबा

Last Modified - February 12, 2018, 5:09 pm

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सुंजवान आर्मी कैंप और सीआरपीएफ मुख्यालय पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने कहा है कि सबसे बड़ी चिंता और परेशानी की बात ये है कि अब जम्मू में भी आतंकवादी हमले हो रहे हैं। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि कश्मीर तो पहले से ही असुरक्षित था और अब मौजूदा सरकार ने जम्मू को भी असुरक्षित बना दिया है। अगर केंद्र सरकार सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम हो रही है तो इसका मतलब ये है कि उसकी नीतियों में कुछ खामियां हैं।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस सांसद फारुक अब्दुल्ला ने कहा है कि जितना आतंकवाद बढ़ेगा, उतनी मुसीबतें बढ़ेंगी और वहां (पाकिस्तान) कुछ भी नहीं बचेगा। फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि अगर यही हालात बने रहे तो फिर भारत सरकार को अपने अगले कदम के बारे में सोचना होगा। फारुक अब्दुल्ला ने इससे पहले भी सुंजवान हमले को लेकर कहा था कि घाटी में आए दिन इस तरह की आतंकवादी वारदात हो रही है और सारे आतंकवादी पाकिस्तान से आते हैं। 

दूसरी ओर, राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि अगर पाकिस्तान से बातचीत का सुझाव दिया जाता है तो कुछ मीडिया संस्थान देशविरोधी होने का ठप्पा लगा रहे हैं। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लाहौर बस यात्रा की थी, पाकिस्तान से बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ हमने हर जंग में जीत हासिल की, इसके बावजूद हमारे जवान शहीद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत ही आज के दौर में भी समाधान का एकमात्र विकल्प है।

इस बीच, दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने आवास पर सोमवार को जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा हालात को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है। 

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24

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