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मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे पर कांग्रेस में जंग, सत्यव्रत-बावरिया आमने-सामने

Last Modified - February 14, 2018, 4:20 pm

भोपाल। प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा होने के बाद 2014 लोकसभा चुनावों के समय एक विज्ञापन ने बहुत सुर्खियां बटोरी थी। विज्ञापन भाजपा के चुनावी कैंपेन का हिस्सा था जिसमें भाजपा-कांग्रेस से सवाल कर रही थी कि बिना कैप्टन के टीम कैसे खेलेगी? मतलब साफ था कि इस विज्ञापन के जरिये ये चुनौती दी गई थी कि जिस तरह भाजपा चेहरा आगे करके चुनाव में उतरी है, वैसे ही कांग्रेस भी किसी चेहरे को सामने लाए, कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया। नतीजतन 2014 का पूरा चुनाव मोदी पर केंद्रित हो गया और खामियाजा कांग्रेस को उठाना पड़ा। लेकिन अब स्थितियां अलग है देश के कई राज्यों में चुनाव होने वाले है और कांग्रेस पार्टी के अंदर से ही इन प्रदेशों में मुख्यमंत्री के चेहरे की मांग जोर पकड़ने लगी है।

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बात करें इसी साल मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तो वहां के कई कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री चेहरे की मांग हाईकमान से कर चुके है जिनमें छिंदवाड़ा सांसद और गांधी परिवार के खास कमलनाथ भी शामिल हैं। बुधवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने भी कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का सुझाव दिया था। मध्यप्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे है और इसी सिलसिले में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता चतुर्वेदी मध्यप्रदेश आए हुए थे। चतुर्वेदी कांग्रेस प्रत्याशी बृजेन्द्र यादव के समर्थन में मुंगावली जाते समय अशोकनगर में मीडिया से मुखातिब होते हुए, कहा कि मैं आज से नहीं छह साल से यह मांग करता आ रहा हूं कि सिंधिया को तत्काल सीएम उम्मीदवार घोषित कर देना चाहिए, जिससे उन्हें चुनाव तक काम करने का पर्याप्त समय मिल सके।

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लेकिन सत्यव्रत से एक दिन पहले मुंगावली पहुंचे राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के विचार इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने साफ कर दिया था कि कांग्रेस प्रदेश में किसी चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ेगी। मीडिया ने जब सत्यव्रत चतुर्वेदी को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दीपक बावरिया के बयान के बारे में बताया, तो उनका कहना था कि पंजाब में अमरिंदर सिंह के मामले में क्या किया था, अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नियम क्यों। चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी को सिंधिया को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सिंधिया को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाया जाता है तो शिवराज सिंह और भाजपा इतनी कम सीटों में सिमट कर रह जाएगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

 

 

 

अमन वर्मा, IBC24


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