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पति ने घर से निकाला चार साल के बेटे के साथ अमेरिका में फंसी बिलासपुर की बेटी 

Created at - February 22, 2018, 6:05 pm
Modified at - February 22, 2018, 6:05 pm

बिलासपुर की बेटी करीब चार साल से अमेरिका में अपने पति और ससुरालवालों की प्रताड़ना का शिकार हो रही है। अब हालत यह है कि उसके पति की शिकायत पर उसका और उसके चार साल के बेटे का पासपोर्ट कोर्ट में जमा करा लिया गया है। अब वह वापस भी नहीं सकती है। बिलासपुर में रहने वाली उसकी मां और भाई ने प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्विट कर मदद मांगी है। पिछले चार साल से ही गीतांजलि और उसका परिवार बिलासपुर में और उनकी बेटी वी मेहर निधि अमेरिका में चैन की नींद नहीं सो पाएं हैं। अप्रैल 2012 में जब निधि की शादी हुई तो सब खुश थे, कि अमेरिका में रहने वाले डी रविशंकर श्रीनिवास उसका पति बन रहा है और वहां निधि राज करेगी। विशाखापट्टनम में शादी हुई और पति पत्नी यूएस चले गए, लेकिन निधि के लिए यह खुश नहीं दुखी होने का दिन था। डी रविशंकर और उसके परिवार ने निधि को तंग करना शुरू किया। दहेज और दूसरी बातों के लिए तो तंग किया साथ ही डी रविशंकर ने उसका घर से निकलना तक बंद करा दिया। अगले साल उनका बेटा हो गया। इसी बीच निधि, बेटे को लेकर भारत आ गई और यहां से उसने जीआरएफ एग्जाम पास कर अमेरिका में एमएस की पढ़ाई के लिए दाखिला ले लिया। उसके एमएस करने से नाराज उसके पति डी रविशंकर ने उससे अलग रहना शुरू कर दिया। इस बीच निधि के घर वालों ने दोनों के बीच समझौते के बेहद प्रयास किए, लेकिन रविशंकर ने डायवोर्स के लिए केस लगा दिया और बच्चे की मांग की। कोर्ट ने निधि और बेटे का पासपोर्ट जमा करने के आदेश दिए और बच्चे के लिए व्यवस्था बना दी कि एक सप्ताह बेटा, मां के साथ रहेगा और उसके अगले सप्ताह तक पिता के पास 

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निधि की मां गीतांजली बताती है कि जब हमने हमारी बेटी की शादी की थी तो बीस लाख रुपए के गहने, कपड़े, नगद दिए, लेकिन अमेरिका जाने के बाद उसका पति तंग करने लगा, ससुराल वाले भी उसका साथ देते हैं, बच्चा अपने पिता के यहां जाना नहीं चाहता, लेकिन पुलिस जानबूझकर भेजती है, पासपोर्ट जमा होने के कारण निधि को अमेरिका में कोई काम भी नहीं मिल रहा है। उसके पास अब रहने-खाने के पैसे भी नहीं रह गए। वह आर्थिक तंगी के कारण वकील नहीं कर सकती। उसने भारतीय दूतावास से संपर्क किया, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया, उसके माता पिता यहां कर्ज कर, मकान गिरवी रखकर पैसे का इंतजाम कर रहे हैं और भेज रहे हैं। ये परिवार चाहता है कि उनकी बेटी और नाती कैसे भी भारत पहुंच जाए। इसके लिए परिजनों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और प्रधानमंत्री कार्यालय को ट्वीट भी किया है। 

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पति-पत्नी की अनबन के बीच चार साल का डी ध्रुव साकेत का जीवन मुश्किलों से भर गया है। जब स्काईप पर अपनी नानी से बात करता है तो यहां आने के लिए रोता रहता है। उसे इस हाल में देखकर परिजन बेहाल है और सभी से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सवाल यह कि आखिर सुनेगा कौन ?

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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