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बाल मन को समझने रायपुर के 15 स्थानों पर गोपनीय सुझाव पेटियां

Last Modified - February 23, 2018, 4:23 pm

रायपुर--बाल मन के अंदर क्या चल रहा है इसे समझना और जानना बहुत मुश्किल है। आज के बदलते परिवेश में ज्यादा तर बच्चे अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को बताने के लिए भी डरते हैं जिसके चलते कई बार बच्चे घातक कदम भी उठा लेते हैं इन सभी बच्चों के बाल मन को समझने और बच्चे बेझिझक अपनी बात कह सके इसके लिए  बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक नई पहल की है।  छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के मन की बात जानने और उन्हें शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठाने के लिए राजधानी रायपुर के 15 सार्वजनिक स्थानों पर गोपनीय सुझाव पेटियां लगाने का निर्णय लिया है.आयोग  की अध्यक्ष  प्रभा दुबे ने आज शासकीय जगन्नाथ राव दानी उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला और तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव ) से आज इस अभियान की शुरुआत की. 

 

 शासकीय जगन्नाथ राव दानी कन्या शाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बालिकाओं  को संबोधित करते हुए श्रीमती प्रभा दुबे ने कहा कि बच्चे अब बेझिझक होकर अपनी परेशानियाँ साझा कर सकते हैं.अब उन्हें चुपचाप शोषण सहने की ज़रुरत नहीं है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बालक और बालिकाओं के हितों की रक्षा के लिए यह पहल की गयी है ताकि वे बिना डरे अपनी बात कह सकें. उन्होंने बताया कि बच्चों के रुझान के हिसाब से हर सप्ताह या हर माह यह सुझाव पेटी खोली जाएगी और इस सुझाव पेटी में मिली सभी जानकारी और बच्चों का नाम गोपनीय रखा जाएगा.

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उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बच्चों को न्याय दिलाना आयोग का कर्तव्य है इसके पालन में हम कोई कमी नहीं रखेंगे .हर प्रकार की शिकायत पर आयोग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी .उन्होंने कहा कि बच्चे अपने सुझाव भी इस पेटी में डाल सकते हैं ताकि आयोग बच्चों की सलाह का आधार पर उनकी अधिक से अधिक मदद कर सके. श्रीमती दुबे ने कहा कि जल्द ही पूरे प्रदेश में इस तरह की पेटियां लगाई जाएँगी. इस कार्यक्रम में आयोग के सचिव श्री नन्दलाल चौधरी ने अपने व्याख्यान में बाल अधिकार संरक्षण के लिए शुरू किये गए मोबाइल एप्लीकेशन के बारे में जानकारी दी .उन्होंने बच्चों को अपने माता पिता से हर बात साझा करने,अच्छे और बुरे स्पर्श में अंतर और अचानक आ गयी परिस्थितियों से निपटने के बारे में बच्चों का मार्ग दर्शन किया.इस मौके पर आयोग के सभी सदस्य सुश्री टी श्यामा,श्रीमती इंदिरा जैन ,श्रीमती मीनाक्षी तोमर,श्री अरविंद जैन ,श्री दिलीप कौशिक  और श्री अंकित ओझा भी उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा रायपुर के 15 स्थानों पर इस तरह की गोपनीय सुझाव/शिकायत पेटियां लगाई जाएँगी. आयोग द्वारा प्रारंभिक तौर पर इस योजना के लिए रायपुर बिलासपुर शहर में इस तरह की पेटियां लगायी जा रहीं है .

वेब टीम IBC24

 

 


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