भोपाल News

मध्यप्रदेश में कुपोषण ने 3 माह में ली 11 हजार से ज्यादा बच्चों की जान

Created at - March 6, 2018, 2:12 pm
Modified at - March 6, 2018, 2:14 pm

मध्यप्रदेश विधानसभा में कुपोषण को लेकर पेश रिपोर्ट ने सरकारी दावों की कलई खोल दी है। बीती 28 फरवरी को विधानसभा में पेश जानकारी बताती है कि प्रदेश में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की तादाद 1 लाख से ज्यादा है, जबकि अक्टूबर से जनवरी 2018 तक, यानी तीन माह में 11 हज़ार से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद, राज्य सरकार से कुपोषण पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग तेज हो गई है।

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मध्यप्रदेश में पोषण आहार और मिड डे मील योजना पर करोडों रुपये खर्च करने के बाद भी कुपोषण का कलंक मिटने का नाम नहीं ले रहा। करीब डेढ़ साल पहले कुपोषण पर श्वेत पत्र जारी करने का वादा करने वाली राज्य सरकार, श्वेतपत्र तो जारी नहीं कर सकी, लेकिन नए आंकड़ों से स्थिति और भी भयावह हो गयी है। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने विधानसभा में जो आंकड़े पेश किए हैं वाकई चौंकाने वाले हैं। 

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जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश में कम वजन वाले बच्चों की संख्या 1 लाख 22 हज़ार है, जबकि गंभीर रुप से कुपोषित बच्चों की संख्या 1 लाख 11 हज़ार है। वहीं अक्टूबर 2017 से जनवरी 2018 के बीच पाँच साल से कम आयु के 11 हजार 558 बच्चों की मौत हो गई, जिनमें छिंदवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा 506, जबलपुर में  482, सतना में 464, जबकि बड़वानी में 436 बच्चों की मौत हुई। वहीं सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चों की बात करें तो इंदौर में 24 हजार 530 बच्चे, उज्जैन में 15 हजार 200 बच्चे उज्जैन, सागर में 12 हजार 482 बच्चे, जबलपुर में 11 हजार 975 बच्चे , रीवा में 10 हजार 519 बच्चे ,भोपाल में  10 हजार 154 बच्चे और ग्वालियर में 10 हजार 203 बच्चे पाए गए हैं। 

  

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इन आंकड़ों के सामने आने के बाद फिर से श्वेतपत्र जारी करने की मांग उठने लगी है, तो वहीं सरकार 8 मार्च से कुपोषण से मुक्ति का महा अभियान शुरू करने की बात कह रही है।  ऐसा नहीं है कि कुपोषण के आंकड़ों से मध्यप्रदेश पहली बार बदनाम हो रहा हो, इससे पहले भी लगातार कुपोषित बच्चों की मौतों के बाद सरकार ने श्वेतपत्र जारी करने का वादा तो किया, लेकिन डेढ़ साल बाद भी ना तो श्वेत पत्र जारी हुआ और ना ही कोई ठोस रणनीति सामने आई। 

 

 

 

विजेन्द्र पाण्डेय,IBC24, जबलपुर


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