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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति को सलाम, बढ़ती नारी, बढ़ता देश

Last Modified - March 7, 2018, 9:01 pm

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आप सभी को बधाई। वैसे तो देश की बेटियां, महिलाएं जिस तरह से हर क्षेत्र में कामयाबी की कहानी लिख रही हैं, उसे देखते हुए हर दिन को महिला दिवस के रूप में मनाया जाए तो भी कम है। देश की रक्षामंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण, विदेशमंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज जैसी महिलाएं इतने अहम विभागों को जिस जिम्मेदारी के साथ सफलतापूर्वक निभा रही हैं, वो अदभुत है। सिर्फ राजनीति ही नहीं, हर क्षेत्र में नाम रौशन कर रही हैं महिलाएं, कुछ साल पहले तक वो वायुसेना में शामिल तक नहीं होती थीं, अब लड़ाकू विमान उड़ाती हैं। अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भारत के लिए मेडल जीतने में बेटियां ही आगे हैं। इन्हें जब भी मौका मिला है, खुद को साबित किया है, कामयाबी हासिल की है। परीक्षाओं में बेटियों का अव्वल आना अब रोजमर्रा की बात लगती है, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं, नारी शक्ति के जज्बे, इच्छाशक्ति को सलाम।

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केंद्र में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद सशक्त महिला-मजबूत लोकतंत्र-सशक्त भारत एक संकल्प बनकर सामने आया है। बेटी पढ़ाओ-बेटी बढ़ाओ के आह्वान के साथ समाज की सोच बदलने का जो अभियान माननीय पीएम ने शुरू किया था, उसका असर बदलती सोच के रूप में सामने आ रहा है। भाजपा और एनडीए सरकारों ने बालिका शिक्षा योजनाओं के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की मजबूत बुनियाद रखने का काम किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों को परिवार की किसी महिला के नाम पर ही रजिस्ट्री कराना, मुद्रा योजना में महिलाओं को प्राथमिकता और महिलाओं के लिए आवासीय कौशल्य विकास प्रशिक्षण जैसे कदमों से तस्वीर बदल रही है।

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बिहार में एनडीए सरकार के दौर में महिला सशक्तिकरण की दिशा में पंचायती राज व्यवस्था में 50 फीसदी आरक्षण हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभी दहेज के खिलाफ बिहार के मुख्यमंत्री माननीय श्री नीतीश कुमार ने जो महाभियान चलाया और बिहार की जनता ने ऐतिहासिक मानवश्रृंखला बनाई, उसकी हर प्रशंसा कम है। हालांकि, मुझे दुख होता है जब मैं देखता हूं कि देश में एक ओर महिला आगे बढ़ रही है तो दूसरी ओर, महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले भी नहीं थम रहे हैं। ये एक बड़ी चिंता का विषय है और इसका खात्मा करने में समाज को अहम भूमिका निभानी है। अंत में महिला दिवस पर आपसे यही आग्रह है कि बेटियों को आगे बढ़ने में बाधा न बनें, उन्हें स्वावलंबी बनने में मदद करें औऱ महिलाओं का सम्मान करें।

 

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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