इंदौर News

नौ साल की मासूम से मॉल में दरिंदगी की खून खौलाने वाली खबर

Last Modified - March 9, 2018, 6:53 pm

जिस दिन पूरी दुनिया महिलाओं के सम्मान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रही थी। जिस वक्त भारत के प्रधानमंत्री बेटा-बेटी एक समान का आह्वान करते हुए बेटियों की संख्या को बेटों की संख्या के बराबर लाने के बदलाव की बात कर रहे थे, उसी वक्त मध्य प्रदेश का इंदौर शहर में घटी एक ऐसी घिनौनी घटना, जिससे पूरा देश स्तब्ध है। नौ साल की एक छोटी सी बच्ची के साथ दरिंदगी की गई और सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि आरोपी ने इस कुकृत्य को अंजाम किसी सूने स्थान पर नहीं, बल्कि चहल-पहल वाले मॉल में दिया। ये दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण खबर खून खौला देने वाली है।

 

गुरुवार की शाम को इंदौर के मशहूर मॉल ट्रेजर आईलैंड में एक महिला, जिनका नाम हम आपको नहीं बताना चाहते, अपने 12 साल के बेटे और नौ साल की बेटी के साथ आईं। उनके साथ कुछ और रिश्तेदार भी थे। बच्चों ने मॉल के भीतर गेम ज़ोन में खेलने की इच्छा जताई। ज्यादातर मॉल में बच्चों के खेलने के लिए गेम ज़ोन होते हैं और अक्सर आने वाले परिवारों के बच्चों को ये पता होता है, इसलिए वो खेलने की जिद भी करते हैं। बच्चों की जिद पर मां ने उन्हें गेम जोन में जाने दिया। वर्चुअल गेम जोन में लाइट काफी कम होती है, तकरीबन अंधेरा होता है। बच्चों को गेम जोन के कर्मचारी ने मास्क और चश्मा दिया, जिसके बाद दोनों बच्चे अपनी-अपनी पसंद के गेम खेलने चले गए। कुछ ही देर बाद बच्ची के जोर से चीखने की आवाज़ आई। बाकी बच्चों को लगा कि वो डर के कारण चीख रही है, लेकिन जब सच सामने आया तो वहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए।

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जब रोशनी की गई तो वहां खून बिखरा था, बच्ची के कपड़ों पर खून लगा था और वो बुरी तरह से सहमी हुई बिलख-बिलख कर रो रही थी। किसी अनहोनी की आशंका से डरकर जब उसकी मां वहां पहुंची तो बच्ची की हालत देखकर सदमे में आ गई। बच्ची तुरंत मां से लिपट गई और फिर उसने गेम ज़ोन के एक स्टाफ की ओर इशारा करके बता दिया कि उसने उसके साथ गलत हरकत की है। 

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इतना सुनना था कि लोगों के गुस्से का बांध सब्र तोड़ गया, आरोपी कर्मचारी की जमकर धुनाई कर दी गई। मॉल के बाउंसर्स ने बचाने की कोशिश की तो लोगों से उनका भी विवाद हो गया। आखिरकार पुलिस के आने पर आरोपी को हवाले किया गया। शुरुआती तफ्तीश में ये सामने आया है कि गेमिंग ज़ोन में काम करने वाले कई स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं कराया गया था। इससे पहले भी इस मॉल में कपड़े खरीदने आई एक छात्रा का मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश का आरोप लगा था, इसके बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। सबसे बड़ी बात तो ये है कि आखिर बच्चियां कहां सुरक्षित हैं? जब मां, भाई की मौजूदगी में और चहल-पहल वाले मॉल में भी सुरक्षित नहीं हैं तो वो करें तो क्या करें? हैवानियत का आखिर क्या हो इलाज? दरिंदों से आखिर कैसे निपटे समाज? ये तमाम सवाल एक बार फिर सामने आ खड़े हुए हैं। मध्य प्रदेश रेप के मामलों में पहले से देश में सबसे खराब स्थिति में है, अब इंदौर जैसे शहर से सामने आई इस वारदात ने सभी को और सहमा दिया है। खास बात ये है कि मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां 12 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ दुष्कर्म के मामले में मौत की सजा का बिल विधानसभा से पारित किया गया था।

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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