News

इराक में लापता 39 भारतीय की ISIS  ने की थी हत्या, सुषमा बोलीं-अंधेरे में नहीं रखा

Last Modified - March 20, 2018, 4:37 pm

नई दिल्ली। इराक के मोसुल में 2014 में लापता सभी 39 भारतीय नागरिक मारे जा चुके हैं और उनकी हत्या आतंकवादी संगठन ISIS ने ही की थी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इन हत्याओं की मंगलवार को संसद में पुष्टि की है। सुषमा स्वराज ने संसद में इसकी जानकारी देने के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी दी। विदेश मंत्री ने बताया कि 39 मृतकों में पंजाब के 27, बिहार के 6, हिमाचल प्रदेश के 4 और पश्चिम बंगाल के 2 लोग शामिल हैं। सुषमा स्वराज ने कहा कि इन 39 में से 38 के शवों के डीएनए सैंपल मैच हो चुके हैं, राजू यादव नाम के जिस एक व्यक्ति का डीएनए सैंपल मैच नहीं हुआ है, वो बिहार के हैं और उनके माता-पिता नहीं हैं। 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मामले में देश को अंधेरे में रखने के आरोपों का जवाब देते हुए बताया कि भारत सरकार उन सरकारों में नहीं है, जो लापता लोगों को मृतक मान लिया करती हैं, यहां जबतक किसी के मृत होने का प्रमाण नहीं मिल जाता, उसे मृत घोषित नहीं किया जा सकता। 

सुषमा स्वराज ने कहा कि अब जब ये पुष्टि हो चुकी है, जांच से साबित हो चुका है, साक्ष्य मिल चुके हैं तो संसद में ये घोषणा की। सुषमा स्वराज ने संसद में इस मुद्दे पर दिए गए अपने पुराने बयान की याद दिलाते हुए कहा कि उस वक्त भी उन्होंने कहा था कि अगर संसद सत्र चल रहा होगा और उस वक्त भी मोसुल में लापता भारतीयों के बारे में साक्ष्य मिल जाएंगे तो कार्यवाही रोक कर इसकी घोषणा करूंगी। उन्होंने विपक्ष के रवैये पर भी सवाल किए।

विदेश मंत्री ने कहा कि सभी भारतीयों को ISIS ने मारा था, जिनके बाद शवों को बगदाद भेज दिया गया था. हमने DNA सैंपल के जरिए सभी शवों की जांच करवाई. सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में बताया कि डीप पेनिट्रेशन रडार के जरिए बॉडी को देखा गया था, उसके बाद सभी शवों को बाहर निकाला गया. जिसमें कई चिन्ह, मसलन पंजाब के लोगों द्वारा कलाइयों में पहने जाने वाले कड़े वगैरह मिले थे। उन्होंने बताया कि 3 वर्षों तक ये तलाश चलती रही. पिछले चार वर्षों में इन 39 भारतीयों के लिए तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कभी उनका पता नहीं चल सका. सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की और पूरी तरह आश्वस्त होने तक उनके मारे जाने की पुष्टि नहीं की।

ये भी पढ़ें- सरोज पांडेय को अंतिम समय में प्रत्याशी बनाना भाजपा को पड़ेगा भारी? गुटबाजी की आहट

विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि जनरल वीके सिंह खुद इराक जाएंगे, सभी मृतकों के शवों को वहां से जहाज द्वारा भारत लाया जाएगा. सबसे पहले जहाज अमृतसर या जहां के ज्यादा लोग हैं, वहां जाएगा और उसके बाद पटना, पश्चिम बंगाल जाएगा.

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24

Trending News

Related News