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कड़कनाथ मुर्गा को लेकर दो राज्यों में छिड़ी जंग ,जाने क्या है मामला

Last Modified - March 23, 2018, 8:11 pm

कुछ महीने पहले रसगुल्ले पर दावे के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा आपस में भिड़ गए थे। पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के बीच रोसोगुल्ला यानि रसगुल्ला की ज्योग्राफिकल इंडिकेशंस (जीआई) की बहस खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच में जंग छिड़ गई है. दोनों राज्यों के बीच कड़कनाथ मुर्गे को जीआई टैग को लेकर बहस हो रही है. दोनों ही राज्य अपना-अपना दावा पेश कर रहे हैं अंत में पश्चिम बंगाल के दावे के पक्ष में मुहर लगी थी।  अब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ कड़कनाथ मुर्गे पर अपना-अपना दावा पेश कर रहे हैं। मध्य प्र्देश का कहना है कि कड़कनाथ की उत्पत्ति झाबुआ में हउई है तो वहीं इसके अलग हुआ प्रदेश छत्तीसगढ़ का दावा है कि दंतेवाड़ा में उसका संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन होता है। इन दोनों के दावों की सच्चाई की जांच और असली मालिक पर मुहर भौगोलिक संकेतक कार्यालय चेन्नई द्वारा दी जाएगी।

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ज्ञात हो कि कड़कनाथ मुर्गा का मीट और अंडा देसी मुर्ग से भी कहीं ज्‍यादा महंगा बि‍कता है। फुटकर बाजार में इसके मीट का रेट 300 से लेकर 450 रुपये होता है। कई बार यह 700 से लेकर 1000 रुपए किलो तक बिक जाता है। जि‍न इलाकों में यह मौजूद वहां इसके एक अंडे की कीमत 25 रुपये तक चली जाती है। अगर आप ऑनलाइन इसका अंडा खोजेंगे तो 50 रुपये तक दाम रखा गया है। हालांकि‍, ग्रामीण इलाकों में इतना दाम नहीं मि‍लता। इसके एक दि‍न के चूजे की कीमत 70 रुपये के आसपास होती है।कड़कनाथ में कोलेस्ट्राल की मात्रा दूसरे मुर्गों की तुलना में प्रति किलोग्राम कम होती है। हड्डी, खून और मांस काला होता है। प्रोटीन का प्रतिशत भी कड़कनाथ के मांस में ज्यादा पाया जाता है। चर्बी भी बहुत कम होती है।इसलिए इसे सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना गया है।

web team IBC24


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