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छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ओपिनियन पोल, शिक्षाकर्मियों के आंदोलन और रोजगार पर क्या है मतदाताओं का रूझान

Created at - April 2, 2018, 7:29 pm
Modified at - April 2, 2018, 7:37 pm

रायपुरछत्तीसगढ़ में इस बरस होने वाले विधानसभा के चुनाव से पहले IBC24 लेकर आया है अब तक का सबसे बड़ा और विश्वसनीय ओपिनियन पोल। यह सर्वे प्रदेश के सभी 27 जिलों की 90 विधानसभा सीटों पर किया गया है। इसके लिए 5 हजार से ज्यादा सेंपल लिए गए जिसमें हमने मतदाताओं से 12 सवाल पूछे और उन्होंने कैमरे के सामने अपना मत सर्वे पेटी में डाला। इसके लिए हमने प्रदेश को तीन भागों में बांटा है। पहला सरगुजा, दूसरा मैदानी और तीसरा बस्तर। सवालों को भी 6 अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। आईए जानते हैं कि मतदाताओं ने इन सवालों के जवाब में क्या रूझान दिया।  

हमने उनसे शिक्षाकर्मियों के आंदोलन पर रमन सरकार पर पड़ने वाले प्रभाव और छत्तीसगढ़ में रोजगार की स्थिति के बारे में राय ली। 

सबसे पहले बात करेंगे सरगुजा की जिसमें हमने 23 विधानसभा सीटों का रूझान जाना 

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तो सरगुजा में शामिल 23 विधानसभा सीटों के आंकड़ों की माने तो 41 प्रतिशत लोगों का मानना है कि हां शिक्षाकर्मियों के आंदोलन से सरकार को फर्क पड़ता है। वहीं 42 प्रतिशत लोगों का मानना है कि शिक्षाकर्मियों के आंदोलन से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, वहीं 17 प्रतिशत लोगों ने इस बारे में कोई स्पष्ट राय नहीं दी।

अब बात करेंगे मैदानी इलाके की जहां 55 विधानसभा सीटें है।

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मैदानी इलाकों की बात करें तो यहां 55 विधानसभा सीटें है, इन सीटों के लोगों का मूड़ आपके सामने है जहां 46 फीसदी लोगों का मानना है कि शिक्षाकर्मियों के आंदोलन से रमन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता वहीं 10 फीसदी लोग इस पर कुछ नहीं कह सके। 

अब बत करेंगे बस्तर की जिसमें हमने 12 विधानसभा सीटों को शामिल किया है।

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बस्तर संभाग जिसे काफी पिछड़ा और नक्सल प्रभावित माना जाता है लेकिन यहां की जनता ने साफ मत दिया है, यहां 56 फीसदी जनता का मानना है कि शिक्षाकर्मियों के आंदोलन से सरकार को फर्क पड़ने वाला है वहीं 33 फीसदी लोगों को मनना है कि इस आंदोलन से रमन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला इसी के साथ 11 फीसदी लोग इस सवाल के जवाब में कोई जवाब नहीं दे पाए। 

हम अब बात करें ओवरआॅल सर्वे की तो मतलब पूरे छत्तीसगढ़ की 

देखें - 

अब हमने इन तीनों भागों मतलब 90 विधानसभा सीटों का ओवरआॅल औसत देखा तो 47 फीसदी लोगों को लगता है कि सरकार को शिक्षाकर्मियों के आंदोलन से फर्क पड़ेगा वहीं 41 फीसदी लोगों का मानना है कि इस आंदोलन से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता वहीं 12 प्रतिशत लोग इस सवाल के जवाब में कुछ कह नहीं सके। 

 

 

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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