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शिक्षाकर्मियों की मांगों के अध्ययन के लिए राजस्थान जाएगी चार अफसरों की टीम, संघ की आपत्ति

Last Modified - April 8, 2018, 2:37 pm

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों की मांगों का अध्ययन करने अफसरों की टीम राजस्थान जाएगी। इस आशय के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसका फैसला मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में लिया गया है। यह अध्ययन राजस्थान में शिक्षाकर्मियों के वेतन-भत्ते, प्रमोशन, ट्रांसफर और अनुकंपा नियुक्ति जैसे मसलों पर रिपोर्ट सौंपेगी। इस दल में उप संचालक केसी काबरा, टी के साहू, पंचायत के उपसंचालक बी एन मिश्रा और सहायक संचालक आर के जैन शामिल हैं। 

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उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने शिक्षाकार्मियों के लिए बनाई गई कमिटी का कार्यकाल एक माह के लिए बढ़ा दिया  है।इसके साथ टीम का गठन किया  है। इस पर शिक्षक पंचायत व ननि मोर्चा के संचालक वीरेंद्र दुबे का कहना है कि लगातार कमेटी के कार्यकाल को बढाने पर शिक्षाकर्मी आक्रोशित है, शासन को पूर्व में ही राजस्थान मॉडल, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के संविलियन संबंधी आवश्यक तथ्य सौंपे जा चुके हैं। डिजिटल इंडिया के जमाने मे किसी राज्य का भ्रमण करना केवल समय खराब करना है। शासन को चाहिए कि जल्द ही संविलियन पर निर्णय  लेना चाहिए।

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प्रांतीय उप संचालक धर्मेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी शिक्षकों का संविलियन करना ही एक मात्र विकल्प है, शासन को इस पर जल्द ही ठोस निर्णय लेना चाहिए। प्रान्तीय उपसंचालक जितेन्द्र शर्मा का कहना है कि शासन के कार्यो में समयसीमा शब्द की बड़ी कीमत होती है, परन्तु हाईपावर कमेटी होने के बावजूद कमेटी की समय सीमा 3 माह से 4 माह हो गया और अब 5वे महीने के लिए बढ़ा देना समझ से परे है। अब कोई भी जानकारी पलक झपकते मिल जाती है, ऐसे में माह भर का और कार्यकाल बढाना डिजिटल क्रांति के युग का माखौल उड़ाना है।

 

वेब डेस्क, IBC24


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