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महिला शिक्षाकर्मियों के मुंडन के फैसले पर बहस, महिला कांग्रेस ने इस पर की पुनर्विचार की अपील

Created at - April 8, 2018, 4:52 pm
Modified at - April 8, 2018, 4:59 pm

रायपुर। छत्तीसगढ़ में संविलियन की मांग को लेकर आंदोलन प्रदर्शन कर शिक्षाकर्मी संघ के एक धड़े ने महिला शिक्षाकर्मियों के मुंडन का ऐलान किया है। इस फैसले से शिक्षाकर्मी संघ में भी मतभेद बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि इस आंदोलन में संघ के संचालक शामिल नहीं हो रहे हैं। अब इस मसले में महिला कांग्रेस का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने महिला शिक्षाकर्मियों से अपील की है कि मुंडन जैसा फैसला उचित नहीं है और उन्हें इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। 

जांजगीर चांपा महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष शेषराज हरबंश ने अपील में सवाल किया है कि 

क्या आप अपनी बहन, बेटी या बीवी का मुंडन होते हुए देखना चाहेंगे और यदि नहीं तो फिर किसी अन्य की बहन, बेटी या बीवी को इस मुहिम में उत्साहित कर क्यों झोंक रहे हैं ? 

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जो 2-4 महिला शिक्षाकर्मी बहन अतिउत्साह में इस मुहिम में शामिल भी हो गई हैं उनसे भी उन्होंने आग्रह किया है कि हठधर्मी दिखाने के चक्कर में इतना बड़ा निर्णय न लें सरकार को संविलियन की सौगात देनी होगी तो उसके लिए आपकी संख्याबल ही पर्याप्त है और उसके लिए आपके द्वारा कोई अन्य रणनीति भी बनाई जा सकती है लेकिन यदि अतिउत्साह में आकर आप मुंडन करा भी लेती है और उसके बाद भी सरकार यदि तत्काल संविलियन की घोषणा नहीं करती है तो आप क्या कर लेंगी ?

उन्होंने इसे मध्यप्रदेश की नकल बताते हुए कहा है कि जहां मजबूरी में बहन शिल्पी सिवान ने बहुत बड़ा निर्णय लिया था लेकिन आपको ऐसे निर्णय से बचना चाहिए, क्योंकि फैसला देश काल और परिस्थिति के अनुसार लेना चाहिए। आपके पास अपनी लड़ाई लड़ने के और भी तरीके हैं और पूरे प्रदेश की जनता आपके साथ है इसलिए ऐसे किसी भी कदम से आप बचें और लोकतंत्र पर पूरी तरह विश्वास रखें। महिलाओं के लिए केश कितना महत्वपूर्ण होता है यह बताने की जरूरत किसी को नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात, इस सरकार को आपके मुंडन  के बाद भी असर नहीं पड़ा तो ? 

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उन्होंने कहा है कि इस प्रदेश ने कर्मचारियों के साथ कैसा बर्ताव किया जा रहा है वह किसी से छिपा नहीं है, शिक्षाकर्मियों के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की क्या दुर्दशा हो रही है यह बताने की जरूरत किसी को नहीं है 3-4 दिनों से हमारी बहनें लगातार आंदोलन कर रही हैं कई बहनों की मौत हो गई उसके बाद भी सरकार नहीं जाग रही है आप के मुंडन के बाद जाग जाएगी यह आप सोच भी कैसे सकते हैं इसलिए पुनः बहनों से निवेदन इस फैसले पर पुनर्विचार करें।

वेब डेस्क, IBC24


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