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सोशल मीडिया से थमा पूरा देश, कई राज्यों में मोबाइल-इंटरनेट ठप

Last Modified - April 10, 2018, 8:45 am

नई दिल्ली/जयपुर। देश में सोशल मीडिया ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है। दलित संगठनों के भारत बंद के जवाब में मंगलवार को भारत बंद है। बंद का ऐलान किसी बड़े संगठन ने नहीं किया है, बल्कि सोशल मीडिया पर 3 अप्रैल से ही इसकी कॉल चल रही है। गृह मंत्रालय ने बंद को देखते हुए अलर्ट जारी किया है साफ किया है कि कहीं भी हिंसा हुई तो उस इलाके के डीएम और एसपी को निजी तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बीएसएफ और सीआरपीएफ जैसी पैरामिलट्री फोर्स तैनात की गई है। 

 

उल्लेखनीय है कि एससी-एसटी एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में 2 अप्रैल को दलित संगठनों ने भारत बंद किया था। इस दौरान देश में कई जगह उपद्रव व आगजनी की घटनाएं हुई थीं। 

 

राजस्थान के 13 जिलों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना रोकने लिए बीएसएफ की 20 कंपनियों को तैनात किया है। जालौर और भरतपुर में सबसे ज्यादा 3-3 तीन कंपनियों को लगाया गया है। बाड़मेर, सवाई माधोपुर और बीकानेर में 2-2 कंपनियां और जोधपुर ग्रामीण, नागौर, सीकर, जैसलमेर, डूंगरपुर, धौलपुर, भीलवाड़ा व करौली में 1-1 कंपनी को तैनात किया गया है। करौली में बीएसएफ के साथ सीआरपीएफ की 2 और दौसा में 1 कंपनी को तैनात किया गया है। जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस सोशल मीडिया पर चल रहे प्रस्तावित आंदोलन को लेकर अलर्ट हो गई है। जयपुर कमिश्नरेट को पुलिस के साथ आरएसी की कंपनियां दी गई हैं और 7 सीआरपीएफ की कंपनियों शहर में हर मुख्य मार्ग व चौराहों पर तैनात कर दी गई है। 

दलित आंदोलन में मध्यप्रदेश सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ था। 2 अप्रैल के बंद के दौरान हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी। हिंसा के केंद्र रहे ग्वालियर और भिंड जिलों में कर्फ्यू है। कई राज्यों में मोबाइल और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। इसी तरह स्कूल-कॉलेज में भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।

 

 

वेब डेेस्क, IBC24


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