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गुंडे को एनकाउंटर से बचाने के लिए भाव करते पुलिस SHO का आॅडियो वायरल

Created at - April 15, 2018, 2:13 pm
Modified at - April 15, 2018, 2:13 pm

झांसी। उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था का रोना रोकर चलाए जा रहे आॅपरेशन आॅलआउट पर विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों के आरोप के बाद भी प्रदेश सरकार इसे आम लोगों को गुंडाराज से मुक्ती दिलाने के नाम पर लगातार जारी रखे हुए है। लेकिन सरकार के दावों और पुलिस की कार्यवाही पर उस समय प्रशन चिन्ह लग गए जब झांसी के एसएचओ और क्षेत्र के कुख्यात गुंडे लेखराज के बीच हुई एक बात का एक आॅडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आॅडियो में झांसी के मऊरानीपुर थाने के एसएचओ क्षेत्र के मशहूर गंुडे लेखराज से बात कर रहे है जिसमें वे उसे बता रहें हैं कि वह एनकाउंटर के लिए सबसे फिट केस है और पुलिस उसे पट-पट मारने की बात कर रहें है। आईए बताते है आपको एसएचओ और गुंडे के बीच हुई बातचीत के कुछ अंश -

 

एसएचओ - आपके ऊपर 60 मुकदमा है, आप एनकाउंटर के सबसे फिट केस हैं पूरे यूपी में, आप मान लीजिए अपने आप को, हां, ये अपने आपको मानकर चलिए आप, भाजपा सरकार है अब आपकी मदद कौन करेगा, ये आप जानो कि आप अपने आपको कैसे बचाते हो, आप, आपका लड़का, आपके चार लड़के, आपके जितने गुर्गे हैं 20-50 सब, मतलब कि सब, सिस्टम हैं ना, समझ ही नहीं रहे हो।

 

लेखराज - हां सब मारे जाएंगे 

एसएचओ - हां, दो मिनट में मार देंगे पट पट पट, अब सरकार के हिसाब से सिस्टम को देखते हुए अपना काम कीजिए।

लेखराज- अरे मदद करो यार, मदद करो,

सुनीत कुमार- आप मेरी मजबूरी समझिए, ठीक, मैंने आपको बता दिया कि संजय दुबे जिलाध्यक्ष ठीक, राजीव सिंह परीक्षा, दोनों आदमी को मैनेज कीजिए।

लेखराज- सुनीत सिंह किसी से कम हैं हैं क्या.

सुनीत कुमार- अरे नहीं नहीं, आप मेरी बात सुनिए, मेरी बात सुनिए, प्लीज. आप मेरी बात समझिए

लेखराज- तो तुम्हें क्या डाकखाने ही भेज दें, डाकखाने ही भेज दें इंस्पेक्टर बनाकर,

सुनीत कुमार- अरे हम लोग तो अपराधी ही रहे शुरू से और रहेंगे, जिंदगी भर अपराध किए, जाने कितनी हत्याएं हैं हाथ में, जाने कितनी बार जेल काटे, सारा सिस्टम है अपने पास, कोई टुच्चा लभंगा ना थोड़े ही हैं। देखिये इतिहास हमारा बहुत खराब है और भविष्य अच्छा है, हम ये कहना चाहते हैं।

लेखराज- अरे भैया हमारी मदद करो बस, जो है,

सुनीत कुमार- अरे मदद आपकी मदद ऊपर वाला कर रहा है, ठीक, मेरी बात सुनिए, आप बढ़िया आदमी हैं, अच्छे आदमी हैं, सिस्टम वाले आदमी हैं,

लेखराज- नहीं, नहीं! इतने दिन आप रहे, कोई गलत काम है हमारा, आप बताइए?

सुनीत कुमार- गलत काम कहीं कुछ नहीं होता है, आप समझिये, नहीं, मेरी बात को, पिछले 14 सालों में भाजपा सरकार से पहले गितने एनकाउंटर हुए जिले में, प्रदेश में, नहीं हुए? बसपाई, सपाई सब सिस्टम चल रहा है, आप समझ ही नहीं रहे हैं किसी चीज को, दौर है, दौर तो दौर ही ना होता है, फिर तो झोंको अब, झोंको तो झोंको सब सिस्टम है. सिस्टम तो ऊपर से नीचे, एसटीएफ भी है, सब लगे हैं पूरी टीम है, अब अगला नंबर आपका है, का बताएं आपको अब

लेखराज- अच्छा, अच्छा

एसएचओ- आपकी लोकेशन वोकेशन सब ट्रेसआउट हो रही है, और अगर दस बीच पचास आदमी आपके साथ नहीं होंगे तो कोई बड़ी बात नहीं है, लोग लगे हुए हैं,

लेखराज- अच्छा! सब मार दिए जाएंगे,

एसएचओ- आप देखो, चीजों को समझो, अच्छा आदमी वही होता है, होशियार, जो समय के साथ खुद को ढाल लेता है।

लेखराज- सही बात है।

एसएचओ - अब समय विपरीत तो अपने हिसाब से भैया.

लेखराज- अच्छा तो अधिकारी कह रहे हैं कि एनकाउंटर कर दो,

एसएचओ - अरे भाई! अब फोन पर तो आपको सब चीज नहीं बता सकते, चीजों को समझिए आप, आप बहुत ही बुद्धिमान आदमी हैं, 60 साल उमर हो गई आपकी, 70 मुकदमा, 80 मुकदमा, 90 मुकदमा है। भगवान चाहेगा कि ऐसा कुछ ना हो जाए, मतलब कोई बात ना हो जाए कि बच्चे अनाथ हो जाएं। सबके बच्चे अनाथ हो जाएं,

लेखराज- अरे भाई, चलो भाई! मदद करो यार तुम तो यार

सुनीत कुमार- अरे हम क्यों फोन पर बात कर रहे हैं आपसे,

लेखराज- तुम्हारी मदद जिंदगी में ना कर पाएं, लेकिन तुम तो मदद करो यार, नाती नाता हैं, सब हैं,

सुनीत कुमार- अरे वही तो, सब आफत हो रही है ना, समस्या तो वही है, हम तो खुद करना चाहते हैं, इसलिए खाली हाथ हम गए, सुबह सुबह खाली हाथ हम गए. चीजों को देखिए, अच्छा बुरा कुछ भी है।

लेखराज- जी, जी...

सुनीत कुमार- सब राजकाज है. समय, परिस्थिति अच्छी-बुरी आती जाती हैं. ठीक है! सबका समय होता अच्छा बुरा.

लेखराज- तो संजय दुबे लगे हैं. अरे यार, इंस्पेक्टर इतना बड़ा है.

सुनीत कुमार- अरे नहीं! सब कुछ, सब कुछ है. आप समझो, बट बट मैनेजमेंट जैसे सपा सरकार थी, सपा सरकार में भी आप जेल गए, गए कि नहीं, गए बताइये.

लेखराज- तो तुम्हें डाकखाने ही भेज दें क्या ?

सुनीत कुमार- अरे! आप मेरी बात सुनिए, सपा सरकार में आप जेल गए कि नहीं, पप्पू सेठ के रहते हुए. हां या ना में बताइए?

लेखराज- हूं, हूं. नौकरी बचाते हैं सब लोग.

सुनीत कुमार- नौकरी कहां, नौकरी कोई नहीं बचाता, नौकरी वौकरी तो सब ऊपर वाले के सहारे चलती है

देखा आपने कैसे एसएचओ-हिस्ट्रीशीटर को बचाने के लिए उससे बारगेनिंग करने की कोशिश कर रहा है। वैसे ओडियो काफी बड़ा है, आगे भी एसएचओ और हिस्ट्रीशीटर की बात जारी रही जिसमें एसएचओ उसे बचने के लिए सेटिंग करने की सलाह दे रहा है। यह आॅडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है लेकिन आईबीसी24 इस वीडियो की प्रमाणिकता की पुष्टी नहीं करता है। 

 

वेब डेस्क, IBC24


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