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चाइल्ड पोर्नोग्राफी के अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप ग्रुप्स से जुड़े 3 आरोपी गिरफ्तार

Created at - April 17, 2018, 9:50 pm
Modified at - April 17, 2018, 9:50 pm

इंदौर। पोर्नोग्राफी रोकने के लिए सरकार द्वारा कड़े कानून बनाये गए है, लेकिन पोर्नोग्राफी रुकने के बजाय बढती जा रही है और अब तो चाइल्ड पोर्नोग्राफी बढ़ने के भी मामले सामने आने लगे है। ऐसे ही तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो चाइल्ड पोर्नोग्राफी में शामिल है। नाबालिग सहित 2 अन्य आरोपी चाइल्ड पोर्नोग्राफी के ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप्स में शामिल है, जिसमे दुनिया के 28 देश के लोग जुड़े है।

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पोर्न वेबसाइट देश में बंद किये जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई गयी थी, इसके जवाब में सरकार ने इस तरह की वेबसाइट को देश में बेन करने में असमर्थता जाहिर की थी। लेकिन इसके बाद चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से बेन लगा दिया था। लेकिन इस पर बेन लगने के बाद भी विकृत मानसिकता के लोगों ने इस तरह की पोर्न क्लिप्स व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाकर आपस में शेयर करना शुरू कर दी, किड्स ओनली सेक्स और ओनली किड्स सेक्स नाम के 2 व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाये गए और उनमे लोगांे को जोड़कर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के वीडियोज शेयर करना शुरू कर दिया गया। इन दोनों ग्रुप में दुनिया के 28 देशो के लोग जुड़े है, जिनमे सबसे अधिक भारतीय है। इन भारतीयों में 3 मप्र के भी शामिल है जिनकी जानकारी लगने पर स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।

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दरअसल स्टेट साइबर क्राइम पुलिस को सूचना मिली थी कि इस तरह के कुछ ग्रुप्स संचालित किये जा रहे है.. इसकी जाँच करने के बाद पुलिस ने महू के रहने वाले इलेक्ट्रिक इंजीनियर मकरंद सालुंके, सरदारपुर धार के बर्तन1 व्यवसायी ओंकार सिंह राठौर और बारहवी कक्षा के नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। इनके ग्रुप की जाँच करने पर पुलिस ने पाया कि इन ग्रुप्स का एडमिन साउदी अरब के है और इस ग्रुप में सबसे अधिक भारत और फिर पाकिस्तान के लोग जुड़े हुए है। ये सब लोग चाइल्ड पोर्नोग्राफी के विडियो क्लिप्स इन ग्रुप्स में डालकर एक दुसरे से शेयर कर रहे थे।

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तीनों ग्रुप में शामिल इंजीनियर का कहना है कि उसे एक लिंक मिली थी, जिस पर क्लिक करने पर वह इस ग्रुप में जुड़ गया था। वह 11 अप्रैल को ही इसमें जुडा था, उसने कोई भी विडियो डाउनलोड नहीं किया, अब पकडे जाने के बाद वह इसे गलत बता रहा है। अब पुलिस इन ग्रुप्स की और अधिक जांच कर मप्र के अन्य लोगांे की तलाश इन ग्रुप्स में कर रही है। मप्र के और लोग इनमे पाए जाते है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई करने की बात पुलिस कह रही है। इन ग्रुप्स में डाले गए विडियो कहा बने है, इसकी जानकारी तो पुलिस को नहीं लग सकी है, लेकिन अब पुलिस इसकी तह तक जाने की बात कह रही है।

 

वेब डेस्क, IBC24


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