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जनता मांगे हिसाब: वैशाली की जनता ने मांगा हिसाब

Last Modified - April 21, 2018, 5:19 pm

वैशाली नगर की भौगोलिक स्थिति

सबसे पहले बात करते हैं..छत्तीसगढ़ की वैशाली नगर विधानसभा की

दुर्ग जिले में आती है  वैशाली नगर विधानसभा 

2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया

विस क्षेत्र में आते हैं भिलाई के 27 वार्ड 

जनसंख्या- 3 लाख 7 हजार 80

कुल मतदाता-  2 लाख 9 हजार 67

पुरुष मतदाता- 1 लाख 7 हजार 5 सौ 37

महिला मतदाता- 1 लाख 2 हजार 430

सुपेला आकाशगंगा और जवाहर मार्केट जैसे दो बड़े बाजार

वर्तमान में सीट पर बीजेपी का कब्जा

बीजेपी के विद्यारतन भसीन हैं विधायक

वैशानी नगर की सियासत

वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र दुर्ग जिले में आता है.. जहां भिलाई स्टील प्लांट के बनने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आए और रोजगार के लिए इसी क्षेत्र में बस गए.. वैशाली नगर विधानसभा पूरी तरह से शहरी इलाका है...सीट की सियासी इतिहास की बात करें तो .2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आए इस सीट पर बीजेपी का दबदबा रहा है..पार्टी की कद्दावर नेत्री सरोज पांडेय भी यहां से विधायक रह चुकी हैं...अब जब चुनावी साल है तो एक बार फिर वैशाली नगर में चुनावी चौसर बिछने लगा है और नेता भी टिकट पाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। 

दुर्ग जिले में आने वाली वैशाली नगर विधानसभा की सियासी इतिहास वैसे तो ज्यादा पुरानी नहीं है..लेकिन हमेशा से दिलचस्प जरूर रही है...जी हां 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया वैशाली नगर विधानसभा ..और पहली बार यहां से भारतीय जनता पार्टी की सरोज पांडेय ने कांग्रेस के बृजमोहन सिंह को लगभग 20 हजार मतों से शिकस्त दी..इसके बाद 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में सरोज पांडेय के सांसद पहुंचने के बाद वैशालीनगर सीट खाली हो गई.. 2009 में हुए उपचुनाव में बीजेपी ने वैशालीनगर विधानसभा के लिए पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू पर दांव खेला...लेकिन कांग्रेस के भजन सिंह निरंकारी ने उन्हें 2 हजार मतों से हराकर सीट कांग्रेस की झोली में डाल दिया..2013 में हुए चुनाव में बीजेपी ने वापस इस वैशालीनगर पर अपना कब्जा जमाया..पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े विद्यारतन भसीन ने कांग्रेस के भजन सिंह निरंकारी को करीब 24 हजार मतों से मात दी ..अब जब चुनावी साल है तो वैशालीनगर में टिकट पाने के लिए नेता अचानक सक्रिय नजर आने लगे हैं..बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों की बात की जाए तो वर्तमान विधायक विद्यारतन भसीन इस दौड़ में सबसे आगे नजर आते हैं..इनके अलावा भिलाई नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष रिकेश सेन भी टिकट के दावेदार हैं..वहीं सरोज पांडेय के परिवार से राकेश पांडेय और चारूलता पांडेय के अलावा श्यामसुंदर राव का नाम भी इस रेस में शामिल है...दूसरी और कांग्रेस की बात करें तो कई दिग्गज ताल ठोक रहे हैं.. पूर्व विधायक भजन सिंह निंरकारी और बृजमोहन सिंह का दावा सबसे मजबूर नजर आता है। भिलाई नगर निगम के महापौर देवेन्द्र यादव भी कांग्रेस के दावेदार हो सकते है। ..वहीं पहली बार चुनावी जंग में उतर रही जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से मनोज पाण्डेय का नाम फायनल हो चुका है। कुल मिलाकर जेसीसीजे को छोड़कर 

दोनों दलों में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है...और सब अपने अपने गणित भी फिट कर रहे हैं..हालांकि बड़े नेताओं के आशीर्वाद के बिना ये संभव नहीं है। 

वैशाली नगर के प्रमुख मुद्दे

सियासी खींचतान के बीच वैशाली नगर में आम आदमी की आवाज सुनने वाले शायद कोई भी नहीं है ..वैशालीनगर में सड़क और साफ सफाई सहित कई समस्या तो बड़े मुद्दे बन ही रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं का भी बुरा हाल है...जाहिर है आने वाले चुनाव में नेताओं से पूछने के लिए मतदाताओं के पास सवालों की लंबी फेहरिस्त है 

दुर्ग जिले में आने वाली वैशाली नगर विधानसभा का ज्यादातर इलाका शहरी है ...जैसा इलाका वैसी समस्याएं..जी हां वैशाली नगर की सबसे बड़ी समस्या गंदगी और उससे होने वाली बीमारियां हैं....सुपेला के अंतर्गत आने वाला मटन मार्केट व्यवस्थित नहीं होने  से मार्केट आने जाने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है... नालियों की सफाई भी एक गंभीर मुद्दा है.. सीवरेज के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है...स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो..यहां बड़े निजी अस्पतालों की कमी नहीं है लेकिन गरीब तबके के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है..कहने को तो वैशाली नगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन वो भी अव्यवस्था की भेंट चढ़ चुका है। शहर की सड़कों का भी बुरा हाल है जो कई बार बड़े दुर्घटना का कारण भी बन चुका है लेकिन उस पर भी अभी तक कोई काम नहीं हो पाया है। शहरी इलाका होने के बावजूद वैशालीनगर में अब तक सिटी बस के परिचालन के लिए कोई काम नहीं हुआ है..इसके लिए जनता बीते 2 सालों से मांग कर रही है...कुल मिलाकर वैशाली नगर में दुश्वारियां बेहिसाब हैं ..और आने वाले चुनाव में ये मुद्दा बन कर नेताओं से काफी मश्क्कत करवाने वाली हैं ....सियासत की तिकड़मबाजी में माहिर नेता आने वाले चुनाव में इन मुद्दों को कैसे भुनाते हैं

 

वेब डेस्क, IBC24


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