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रेप की वारदातों पर देश-दुनिया के शिक्षाविदों का फूटा गुस्सा, मोदी को खत लिखकर जताई नाराजगी

Last Modified - April 22, 2018, 10:54 am

नई दिल्ली। कठुआ, उन्नाव के बाद इंदौर रेप की घटनाओं ने देश को झकझोर कर रख दिया है। मासूमों पर ऐसी क्रूरता, बर्बबरता ने देश की महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हृदयविदारक वारदातों की आंच देश सहित अब विदेशों में पड़ा है। देश-दुनिया के 600 शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखा है। खत में शिक्षाविदों ने हालिया महिला अपराधों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन घटनाओं पर मौन तोड़ने को कहा है।

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देश के नामी संस्थानों सहित विदेशों के नामचीन विश्वविद्यालय न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी, कोलंबिया यूनिवर्सिटी, हॉवर्ड जैसे संस्थानों के शिक्षाविदों ने अपने हस्ताक्षकर कर गुस्सा जाहिर किया है।

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हालांकि शनिवार को केंद्रीय कैबिनेट ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री आवास में बैठक बुलाई थी, बैठक में 12 साल या उससे कम उम्र की बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषियों को सजा-ए-मौत देने का प्रस्ताव पास किया गया है। संसद में इसके लिए अध्यादेश लाया जाएगा। प्रस्ताव में रेप के दोषियों को फांसी के साथ कड़े दंड का प्रावधान है। शिक्षाविदों ने खत के जरिए प्रधानमंत्री मोदी को देश में बढ़ रहे रेप की वारदातों पर अपनी चुप्पी तोड़ने की अपील की है।

 

वेब डेस्क, IBC24


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