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शिक्षाकर्मी-हाईपावर कमेटी की बैठक तय, एक मई को मंत्रालय में बुलाए गए पदाधिकारी

Created at - April 23, 2018, 5:55 pm
Modified at - April 23, 2018, 6:02 pm

रायपुर। रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों के संविलियन सहित अन्य मांगों को लेकर गठित हाईपावर कमेटी की मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक तय हो गई है। कमेटी और शिक्षाकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक एक मई को शाम 4 बजे मंत्रालय में होगी। 

 

पंचायत विभाग के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा की ओर से शिक्षाकर्मी मोर्चा को सूचना भेज दी गई है। इस बैठक में पदाधिकारियों के सुझावों के आधार पर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि 4 दिसंबर को हाईपावर कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी से तीन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने के कारण दो बार कार्यकाल एक-एक माह के लिए बढ़ाया जा चुका है। पिछले दिनों लोक सुराज अभियान के कारण मुख्य सचिव इस मसले पर शिक्षाकर्मियों के पदाधिकारियों से चर्चा नहीं कर पाए थे। एक्सटेंशन के बाद 3 मई को कमेटी का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। लिहाजा जल्द बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच एक कमेटी को राजस्थान में शिक्षाकर्मियों के संबंध नियम प्रावधानों का अध्ययन करने भेजा गया था। यह कमेटी भी लौट आई है। 

 

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उधर, प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने कमेटी के दौरे के बाद राजस्थान अध्ययन की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की थी। शिक्षाकर्मी मोर्चा ने मंगलवार को महाबैठक बुलाई है। जिसमें आंदोलन की रणनीति पर विचार किया जाएगा। मोर्चा इस बात से नाराज है कि उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं किया जा रहा है। ऐसे में हाईपावर कमेटी की बैठक तय कर दी गई है। जारी सूचना के मुताबिक सभी संघ के एक एक पदाधिकारी को बुलाया गया है। संभावना जताई जा रही है कि एक तारीख को होने वाली बैठक में कोई नतीजा या फार्मूले पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। 

शिक्षक पँचायत ननि मोर्चा के प्रांतीय संचालक विरेन्द्र दुबे ने इस बैठक के बारे में चर्चा करते हुए मांग की यह बैठक अंतिम हो और उसी दिन संविलियन की घोषणा भी हो। बैठकों का पूर्व अनुभव शिक्षाकर्मियों के लिए निराशाजनक रहा है। उम्मीद है ये बैठक खुशखबरी लेकर आये।

 

प्रान्तीय उप संचालक जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि अब प्रदेश के शिक्षाकर्मी केवल परिणाम चाहते हैं, और संविलियन पाना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। मुख्यमंत्री की पूर्व की घोषणा को अब अमलीजामा पहनाने का सही समय है। शिक्षाकर्मियों का संविलियन कर छत्तीसगढ़ के युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्रदान करें।

 

वेब डेस्क, IBC24


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