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हाईपावर कमेटी के साथ बैठक पर टिकी शिक्षाकर्मियों की उम्मीद,1 मई को लकी डे,संविलियन की सौगात का भरोसा

Last Modified - April 24, 2018, 10:16 am

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मी हाईपावर कमेटी के साथ एक मई को होने वाली बैठक को लेकर उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस दिन संविलियन की सौगात मिलेगी। इसके पहले 1 मई को ही संविदा शिक्षक शिक्षाकर्मी बने थे और पुनरीक्षित वेतनमान की सौगात भी इसी दिन मिली थी। लिहाजा शिक्षाकर्मी 1 मई को लकी डे मानकर सरकार की ओर से संविलियन को तोहफा मिलने की उम्मीद लगाए हैं। 

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पंचायत संचालनालय से जारी पत्र अनुसार 1मई को शासन और शिक्षाकर्मी संगठनों के बीच एक अहम बैठक होने वाली है, चूंकि संविलियन सहित अन्य मांगों के निराकरण हेतु गठित हाई पावर कमेटी का बढ़ा हुआ कार्यकाल समाप्ति की ओर है। मप्र और राजस्थान जाकर अधिकारी वहाँ की व्यवस्था का अध्ययन कर लौट भी चुके हैं। 

उल्लेखनीय है कि स्कूलों में 1998 से चली आ रही शिक्षाकर्मी भर्ती को बन्द कर तत्कालीन शासन ने  2002 से संविदा शिक्षक की भर्ती करना प्रारम्भ कर दिया था जिसमे केवल 11 महीने की नियुक्ति और अत्यंत अल्प एकमुश्त वेतन दिया जाता था। 2004 में विरेन्द्र दुबे के नेतृत्व में संविदा शिक्षकों ने एक बड़ा आंदोलन किया जिसमें जेल भरो आंदोलन भी शामिल था। इस जबरदस्त आंदोलन के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ से संविदा शिक्षक भर्ती समाप्त होकर पुनः शिक्षाकर्मी भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ। 2002,03 और 2004 में नियुक्त समस्त संविदा शिक्षकों को 1मई 2005 को शिक्षाकर्मी पद पर नियुक्ति देते हुए संविदा प्रथा को बन्द किया गया। 

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इसी तरह प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन में सबसे बड़े आंदोलन के रूप जाना जाने वाला शिक्षाकर्मियों का संघर्ष समिति के बैनर तले 38 दिनों के आंदोलन के परिणामस्वरूप 1 मई 2013 को शासकीय शिक्षकों के समतुल्य पुनरीक्षित वेतनमान की सौगात शासन ने शिक्षाकर्मियों को प्रदान की। जिससे शिक्षाकर्मियों के वेतनमान में सम्मानजनक वृध्दि हुई। इन दो बड़े उपलब्धियों की वजह से शिक्षाकर्मियों के लिए 1 मई की तिथि बहुत भाग्यशाली है।

शिक्षक पंचायत ननि के प्रांतीय संचालक विरेंद्र दुबे ने कहा कि  निश्चित रूप से 1 मई शिक्षाकर्मियों के लिए अब तक बड़ी सौगात लेकर आया है। आगामी 1 मई 2018 को शासन ऐतिहासिक दिन के रूप में परिणित कर सकती है, यदि मुख्यमंत्री  हम 1 लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों का मूल विभाग में संविलियन-शासकीयकरण  कर दें।

 

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प्रान्तीय उपसंचालक जितेन्द्र शर्मा ने मांग की है कि- अब  छत्तीसगढ़ के युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की दरकार है, उनकी शिक्षा को सही मुकाम-सही दाम और सुरक्षित भविष्य मिले इसके लिए जरूरी है कि समस्त शिक्षाकर्मियों का संविलियन-शासकीयकरण करते हुए प्रदेश में शिक्षाकर्मी,विद्यामितान जैसी व्यवस्था का अंत करते हुए नियमित पदों पर भर्तियां प्रारम्भ किया जाए।

 

वेब डेस्क, IBC24


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