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कानून बनाना सुप्रीम कोर्ट का नहीं बल्कि संसद का काम है- केन्द्र

Created at - May 3, 2018, 8:10 pm
Modified at - May 3, 2018, 8:10 pm

SC-ST एक्ट पर सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कानून बनाना संसद का काम है, कोर्ट की जुडिशल ऐक्टिविज्म है। इस दौरान कोर्ट ने कहा SC/ST  एक्ट में FIR से पहले अफसर संतुष्ट हों कि किसी को झूठा तो नहीं फंसाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर ही गिरफ्तारी की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने केवल एक फिल्टर लगाया है,  ताकि गिरफ्तारी करने से पहले ये देखा जाए कि वो गिरफ्तार करने योग्य है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ये कह रही है कि 15 फीसदी ही मामले इस एक्ट के तहत झूठे दर्ज किए गए हैं। इसका मतलब ये नहीं की बाकी 85 फीसदी सही हों।

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इस पर केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि ये कोर्ट का अधिकार क्षेत्र नहीं है। केन्द्र ने कोर्ट से कहा कि कानून बनाना आपका काम नहीं है, कोर्ट कानून के गैप को भी नहीं भर सकता है। केन्द्र ने इस मामले को संवैधानिक बेंच में भेजने की दलील दी।केन्द्र ने मामले पर कोर्ट द्वारा स्टे लगाने की अपील की लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया, अब मामले में अगली सुनवाई 16 मई को होगी।

 

वेब डेस्क, IBC24


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