रायपुर News

सियासी मैदान में जमीन का नया अंकगणित, स्क्वेयर फीट और एकड़ में नप रही नेतागिरी की हैसियत

Created at - May 12, 2018, 4:16 pm
Modified at - May 12, 2018, 4:16 pm

रायपुर। सियासत में जमीन का अर्थ व्यापक होता है। यह माना जाता है कि नेतागिरी में जमीनी पकड़ वाले नेता को महत्व मिलता है। पार्टियों के बारे में भी यही बात लागू होती है। कुल मिलाकर राजनीति की भाषा में जमीनी नेता और पार्टी को आम जनता से जुड़ाव के रुप में देखा जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों आम जनता से जुड़ाव से परे स्क्वेयर फीट में जमीन नाप कर पार्टी और नेता की हैसियत आंकी जा रही है।

यह स्थिति कभी कांग्रेस पार्टी से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच चल रही है। दरअसल, दोनों नेताओं की पेंड्रा में एक ही दिन सभा होने वाली है। स्वाभाविक है कि सभा के लिए जगह तय की गई है। जोगी कांग्रेस के नेता दोनों कार्यक्रमों के लिए तय मैदान की साइज के आधार पर आकलन कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि जोगी चार एकड़ के मैदान में सभा करेंगे, जबकि राहुल गांधी के लिए करीब एक एकड़ की जगह पसंद की गई है। कार्यक्रम होने से पहले ही इसकी सफलता-असफलता के मायने निकाले जा रहे हैं। 

यह भी पढ़ें : गोला-बारूद डिपो के समीप घर बनवा रहे ये भाजपा नेता, सेना ने बताया अवैध

 

सोशल मीडिया पर एक मैसेज तैर रहा है कि छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री के अजीत जोगी के जनसभा के लिए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़, पेंड़्रा के मैदान का साइज 550×350 (190000 स्क़वायर फ़ीट, लगभग 4.2 एकड़) और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जनसभा के लिए कांग्रेस के मैदान का साइज 200×250 ( 50000 स्क़वायर फ़ीट 1.1 एकड़) है। सोशल मीडिया पर चल रहे इस मैसेज में कहा गया है कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का मैदान 4 गुना ज्यादा बड़ा है।

राजनीति में यह आकलन जरूर किया जाता है कि किस नेता की सभा में कितनी भीड़ जुटी। ज्यादा भीड़ जुटाने वाले नेता का कद भी उसी आधार पर तय किया जाता है। लेकिन जोगी कांग्रेस ने एक नया पैमाना ईजाद किया है और अब मैदान या सभा स्थल की साइज के आधार पर इसकी गणना की जा रही है। खैर कहा भी जाता है कि सियासत में सब जायज है। शायद इसी फार्मूले पर अजीत जोगी भी चल रहे हैं। वो तो पहले दिन से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं और राहुल गांधी के खिलाफ ताल ठोंके हुए हैं। वे लगातार कह रहे हैं कि राहुल गांधी जहां-जहां कार्यक्रम करेंगे, वे वहां-वहां जाएंगे। ऐसे में सियासी मैदान की लंबाई-चौड़ाई की लड़ाई के क्या नतीजे निकलेंगे इसका फैसला जनता को करना है, लेकिन जनता का फैसला आने तक ऐसे सियासी पैमाने और गणना तो लगातार देखने को मिलेंगे।

यह भी पढ़ें : सीबीएसई 12वीं के नतीजे इस माह के आखिर तक, cbse.nic.in पर देखे सकेंगे रिजल्ट

 

दूसरी तरफ, राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस भले ही जोर-शोर से तैयारी करते हुए दिख रही है, लेकिन पार्टी के अंदरखाने में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। राहुल गांधी के पेंड्रा में ही कार्यक्रम आयोजित करने के पीछे कहा जा रहा है कि पीसीसी के निशाने पर एक नेता हैं। पेंड्रा उनके संसदीय क्षेत्र में आता है। कहा जा रहा है कि कार्यक्रम में कुछ भी ऊंच-नीच होती है, तो स्वाभाविक है कि ठीकरा उनके सिर पर फूटेगा।

वेब डेस्क, IBC24


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

IBC24 SwarnaSharda Scholarship 2018

Related News