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पीएससी 2017 की प्रारंभिक परीक्षा पर हाईकोर्ट का फैसला, विवादित सवालों की होगी दोबारा जांच

Created at - May 15, 2018, 5:05 pm
Modified at - May 15, 2018, 6:33 pm

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य लोक सेवा आयोग की साल 2017 में आयोजित प्रारंभिक परीक्षा के संबंध में बड़ा फैसला सुनाया है। नतीजों में गड़बड़ी की शिकायत पर हाईकोर्ट मे आयोग को नए सिरे से रिजल्ट बनाने के आदेश दिए हैं। परीक्षार्थियों ने 10 सवालों के मॉडल आंसर पर आपत्ति जताई थी।

पीएससी 2017 के प्रारंभिक परीक्षा परिणाम पर आपत्ति जताने वाले परीक्षार्थियों के लिए राहत की खबर है। बिलासपुर हाईकोर्ट में 10 सवालों के मॉडल उत्तर पर विवाद थी। कोर्ट ने कहा है कि इसके लिए नई एक्सपर्ट टीम बनाई जाए और फिर से विवादित प्रश्नों की जांच हो।

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उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने साल 2017 के लिए 299 पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इसमें डिप्टी डायरेक्टर के लिए 34 और डीएसपी के 46 पद शामिल हैं। सबसे अधिक नायब तहसीलदार के लिए 51 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे।

प्रारंभिक परीक्षा 18 फरवरी को दो पालियों में हुई थी। हाल ही में नतीजे घोषित किए गए हैं। मुख्य परीक्षा 22, 23, 24 और 25 जून तक आयोजित करने की तैयारी है। इस बार परीक्षा पैटर्न में बदलाव हुआ है। इसके मुताबिक अब द्वितीय प्रश्न पत्र रीजनिंग और एप्टीट्यूट(सी-सैट) को केवल क्वालीफाइंग कर दिया है। इस प्रश्न पत्र में प्राप्तांक को मुख्य परीक्षा के लिए तैयार होने वाली मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जाएगा। प्रथम प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन की प्रावीण्य सूची के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

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हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्य परीक्षा के क्वालीफाई करने वालों की संख्या घट बढ़ सकती है। परीक्षार्थियों की आपत्ति थी कि मॉडल आंसर में त्रुटि के कारण वे क्वालीफाई करने से चूक गए हैं।

वेब डेस्क, IBC24


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