News

कर्नाटक में सत्ता की सुप्रीम जंग, आधी रात से सुबह तक जिरह, कोर्ट का शपथ टालने से इंकार

Created at - May 17, 2018, 7:47 am
Modified at - May 17, 2018, 7:47 am

नई दिल्ली। कर्नाटक की सत्ता के लिए बीजेपी-कांग्रेस के बीच जंग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई। राज्यपाल वजुभाई वाला की ओर से बीएस येद्दयुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए हामी भरने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने बुधवार रात 9 बजे के करीब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए देर रात ही जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबड़े की तीन जजों वाली बेंच गठित कर सुनवाई का आदेश दे दिया। सुनवाई रात के 1:45 बजे से शुरू होकर करीब 5:30 बजे तक चली।

 

ये भई पढ़ें-कर्नाटक में हाईप्रोफाइल सियासी ड्रामे का क्लाइमेक्स,बीजेपी का दावा-येदुरप्पा को सरकार बनाने बुलावा

आधी रात को हुई इस सुनवाई में क्या हुआ, जानिए घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्यौरा: कर्नाटक बीजेपी के ट्विटर हैंडल से बुधवार शाम 8 बजकर 31 मिनट पर एक ट्वीट किया गया। जिसमें कहा गया कि येदियुरप्पा गुरुवार सुबह साढ़े 9  बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बाद में इस हटा दिया गया।  

कर्नाटक राज भवन की ओर से राज्यपाल वजुभाई वाला के हस्ताक्षर वाला पत्र जारी कर दिया गया, जिसमें उन्होंने भाजपा (104 सीट) को सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए निमंत्रण दिया। जिसके बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के बात की पुष्टि की।

राजभवन की ओर से पत्र जारी होने और रविशंकर प्रसाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद ही कांग्रेस और जेडीएस के एक प्रतिनिधि मंडल ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार से मिलकर एक अर्जी दाखिल की, जिसमें बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की मांग की गई।

ये भी पढ़ें- स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर अव्वल, छत्तीसगढ़ को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट में तीसरा स्थान

 

 कांग्रेस और जेडीएस की इस अर्जी को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने स्वीकार करते हुए जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबड़े की तीन जजों वाली बेंच गठित कर सुनवाई का आदेश दे दिया। सुनवाई देर रात 1 बजकर 45 मिनट पर शुरू हुई।

ये भी पढ़ें- फ्लाईओवर हादसे पर बोले राज बब्बर- मंदिर गिराने के कारण हुई घटना

कांग्रेस और जेडीएस की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से राज्यपाल वजुभाई वाला के फैसले के विरोध में सरकारिया कमिशन, गोवा विधानसभा चुनाव, झारखंड विधानसभा चुनाव और मेघालय विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की मांग की। 

 

वेब डेस्क IBC24


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

Related News