जनता मांगे हिसाब: सबलगढ़ की जनता ने मांगा हिसाब

Reported By: Abhishek Mishra, Edited By: Abhishek Mishra

Published on 17 May 2018 04:56 PM, Updated On 17 May 2018 04:56 PM

अब बात मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की सबलगढ़ विधानसभा सीट की...सियासी बिसात और मुद्दे ये जानने से पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर...

मुरैना जिले में आती है विधानसभा सीट

राजा नवल सिंह खाड़ेराव की नगरी 

करौली राजघराने की भी रियासत रही

जनसंख्या- करीब 9 लाख

कुल मतदाता -2 लाख 53 हजार 72

महिला मतदाता -1 लाख 10 हजार 616

पुरुष मतदाता -92 हजार 63

वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा

मेहरबान सिंह रावत हैं बीजेपी विधायक

सबलगढ़ की सियासत

सबलगढ़ विधानसभा के चुनावी रण में बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला रहता है, लेकिन इस बार के चुनावी समर में तस्वीर कुछ बदल सकती है...क्योंकि बीएसपी भी चुनावी तैयारियों में जुटी नजर आ रही है...इसके साथ ही विधायक की टिकट के लिए भी दावेदार एक-एक कर सामने आने लगे हैं । 

सबलगढ़ विधानसभा में रावत जाति ही चुनाव में जीत हार का फैसला करती है क्योंकि करीब 30 हजार से ज्यादा रावत मतदाता हैं...वर्तमान में बीजेपी के कब्जे वाली इस विधानसभा सीट से मेहरबान सिंह रावत विधायक हैं...अब एक बार फिर विधानसभा चुनाव नजदीक हैं तो बीजेपी और कांग्रेस जीत-हार के गुणा-भाग में जुट गई है..तो वहीं विधायक की टिकट के दावेदार भी सक्रिय दिखाई देने लगे हैं...बीजेपी की बात करें तो वर्तमान विधायक मेहरबान सिंह रावत सबसे प्रबल दावेदार हैं..तो जिला अध्यक्ष अनूप भदौरिया भी टिकट की दौड़ में हैं..इसके अलावा सीपी शर्मा और विनोद सिंह जादौन भी टिकट के दावेदार हैं..अब बात कांग्रेस के दावेदारों की करें तो प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत का नाम सबसे आगे है...वर्तमान में राम निवास रावत विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं..दावेदारों में दूसरा नाम हैं संजय फक्कड़ का जो लगातार विधानसभा में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं...इसके अलावा दो बार विधायक रह चुके सुरेश चौधरी की पत्नी गीता चौधरी भी टिकट की दावेदार हैं... गीता चौधरी वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष भी हैं... बीजेपी और कांग्रेस के अलावा बसपा में भी टिकट के कई दावेदार हैं...बसपा से कमल रावत का नाम दावेदारों में सबसे आगे है...इस टिकट की दौड़ में कौन जीतेगा ये तो अभी तय नहीं है लेकिन इतना तय जरुर है कि इस बार चुनावी मैदान में मुकाबला कांग्रेस-बीजेपी में नहीं बल्कि त्रिकोणीय होगा ।

सबलगढ़ के मुद्दे

सियासी दौड़ में आगे नजर आता है सबलगढ़ लेकिन विकास की रफ्तार में है सुस्त..बाकी इलाकों की तरह ही इस इलाके में भी बुनियादी सुविधाओं तक के लिए तरस रहे हैं लोग ।

सबलगढ़ विधानसभा में विकास का पहिया थमा नजर आता है...शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार इन तीनों मोर्चों पर फेल दिखाई देता है सबलगढ़...स्कूली शिक्षा तो बदहाल है ही उच्च शिक्षा की स्थिति भी ठीक नहीं है..उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी के चलते छात्र बड़े शहरों का रुख करने को मजबूर हैं...तो वहीं स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं...अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को जिला मुख्यालय तक सफर करना पड़ता है..इसके अलावा बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है..रोजगार के साधनों की कमी के चलते पलायन पर भी लगाम नहीं लग पा रही है...इन सबके बीच पेयजल संकट से भी जूझ रही है जनता..खासकर रामपुर इलाके में तो बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं लोग... रामपुर घाटी में सालों से नहर निर्माण की मांग की जाती रही है लेकिन हुआ कुछ नहीं...सबलगढ़ विधानसभा में ब्रॉडगेज लाइन की भी मांग अब तक अधूरी है...ये वो समस्याएं हैं जिनसे दो-चार हो रही है जनता ।

 

वेब डेस्क, IBC24

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