News

जनता मांगे हिसाब: मांधाता की जनता ने IBC24 की चौपाल से मांगा हिसाब

Created at - May 17, 2018, 5:04 pm
Modified at - May 17, 2018, 5:04 pm

अब बात मध्य प्रदेश की मांधाता विधानसभा सीट की..मांधाता सीट सियासी नजरिए से बेहद अहम है,क्योंकि ये क्षेत्र बीजेपी सांसद नंदकुमार चौहान और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव का है..इस सीट के हर एक पहलू पर बात करेंगे लेकिन इससे पहले एक नजर विधानसभा के प्रोफाइल पर...

खंडवा जिले में आती है विधानसभा सीट

मतदाता-करीब 2 लाख 85 हजार

महिला मतदाता-1 लाख 70 हजार

राजपूत मतदाता सबसे ज्यादा

गुर्जर मतदाता करीब 22 हजार

नायक और भिलाला समाज के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं

वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा

लोकेंद्र सिंह तोमर हैं बीजेपी विधायक

मांधाता विधानसभा क्षेत्र की सियासत

मांधाता विधानसभा सीट को कभी निमाड़खेड़ी के नाम से जाना जाता था...इस सीट पर 4 बार कांग्रेस, तो 9 बार बीजेपी काबिज रही...वर्तमान में इस विधानसभा सीट पर कमल खिला नजर आता है..अब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो गई है तो चुनावी रंग में रंगती दिखाई दे रही है मांधाता विधानसभा...

कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी ने जीत का परचम लहराया..यही सियासी तस्वीर रही है मांधाता विधानसभा सीट की...लेकिन बीते दो विधानसभा चुनावों से बीजेपी का कब्जा है इस विधानसभा सीट पर..अब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं तो जहां बीजेपी इस बार जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में है तो कांग्रेस बीजेपी के इस किले में सेंध लगाने की जुगत में है.. जिले की एक मात्र सामान्य सीट होने की वजह से कांग्रेस हो या फिर बीजेपी,दोनों में टिकट के दावेदारों की लिस्ट लंबी है..बात कांग्रेस की करें तो पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव का नाम दावेदारों में सबसे आगे है..तो वहीं राजनारायण सिंह भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं...इसके अलावा उत्तम पाल सिंह, नारायण सिंह तोमर, नारायण पटेल, परमजीत सिंह नारंग और अशोक पटेल जैसे नाम दावेदारों की लिस्ट में शामिल हैं...अब बात बीजेपी की करें वर्तमान विधायक लोकेंद्र सिंह तोमर प्रबल दावेदार हैं..तो वहीं

बीजेपी सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान भी टिकट की दौड़ में हैं ।

मांधाता के मुद्दे

मांधाता में जल विद्युत और ताप परियोजनाएं हैं...बड़े बांध हैं,लेकिन फिर भी किसान से लेकर युवा तक परेशान है..युवाओं को रोजगार नहीं हैं तो किसानों के खेत सिंचाई के अभाव में प्यासे हैं ।

ओंकारेश्वर..इंदिरा सांगर बांध..हनुवंतिया टापू और सिंगाजी थर्मल पॉवर प्लांट यही पहचान है मांधाता विधानसभा सीट की...कहने को तो दो बड़ी जल विद्युत और ताप परियोजनाएं हैं लेकिन स्थानीय लोगों को रोजगार मिल ही नहीं पा रहा है..नतीजा बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और पलायन भी...इलाके में किसान भी कई समस्याओं से घिरा नजर आता है... दो बड़े बांध होने के बाद भी किसानों को सिंचाई के लिए पानी नसीब नहीं हो पा रहा है..तो वहीं किसानों को फसलों के उचित दाम भी नहीं मिल पा रहे हैं...इसके अलावा नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन पर लगाम नहीं लग पा रही है.

मांधाता में स्कूली और उच्च शिक्षा भी बदहाल है..कहीं स्कूलों में शिक्षक नहीं तो कहीं जरूरी संसाधन नहीं...शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं..।कहने को तो इलाके में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं लेकिन इसके बाद भी पर्यटन के मानचित्र पर मांधाता को वो जगह नहीं मिली पाई जिसका ये हकदार है ।

 

वेब डेस्क, IBC24


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

Related News