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जनता मांगे हिसाब: IBC24 की चौपाल में खिलचीपुर की जनता ने मांगा हिसाब

Last Modified - May 18, 2018, 1:14 pm

अब बात करते हैं..मध्यप्रदेश की खिलचीपुर विधानसभा की... खिची राजाओं के हाथो में यंहा की बागडोर होने के कारण इसका नाम खिलचीपुर पड़ा.. यहां खिची राजाओं का एक महल भी है..यहां के सियासत में भी महल का दखल रहा है है..राजस्थान की निकटवर्ती क्षेत्र से लगे होने के कारण इस क्षेत्र में राजस्थान की झलक भी नजर आती है..बात करें खिलचीपुर की सियासत लेकिन उससे पहले एक नजर सीट के प्रोफाइल पर

राजगढ़ जिले में आती है विधानसभा सीट

क्षेत्रफल-1 हजार 625 वर्ग किमी

जनसंख्या-3 लाख 65 हजार

कुल मतदाता-2 लाख 60 हजार

वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा

कुंवर हजारीलाल दांगी हैं बीजेपी विधायक

खिलचीपुर की सियासत

चुनाव का वक्त जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है..खिलचीपुर में सियासी माहौल बनने लगा है.. कांग्रेस के दबदबे वाली इस सीट पर फिलहाल बीजेपी का कब्जा है...लेकिन आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है...हालांकि दावेदारों की लंबी कतार पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन सकती है..वहीं बीजेपी के लिए भी टिकट तय करना इतना आसान नहीं रहने वाला

एक दौर था जब कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी खिलचीपुर विधानसभा सीट...लेकिन वर्तमान में बीजेपी का कमल खिला नजर आता है..बीते विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कुंवर हजारी लाल दांगी ने कांग्रेस के प्रियव्रत सिंह खिंची को शिकस्त दी थी...कुंवर हजारी लाल दांगी साल 1998 में कांग्रेस से इस सीट पर विधायक रह चुके हैं और बाद में कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम चुनावी मैदान में उतरे थे..अब एक बार फिर विधानसभा चुवाव की रणभेरी बजने वाली है तो ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस दोनों चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं.

जहां बीजेपी इस बार भी जीत दर्ज करने के इरादे से चुनावी समर में उतरेगी तो वहीं कांग्रेस वापसी की उम्मीदों के साथ बीजेपी को टक्कर देगी...इस जीत हार के समीकरणों के बीच टिकट के दावेदारों की कतार भी लगनी शुरु हो गई है...बात बीजेपी की करें तो दावेदारों तो कई हैं लेकिन इन दावेदारों कि लिस्ट में सबसे उपर नाम है वर्तमान विधायक कुंवर हजारी लाल दांगी का...अब बात कांग्रेस की करें यहां भी दावेदारों की लाइन लगी नजर आती है लेकिन टिकट के सबसे प्रबल दावेदार हैं प्रियव्रत सिंह खिंची ।

खिलचीपुर के मुद्दे

चुनाव आते हैं वादे और दावे शुरु हो जाते हैं लेकिन हालात नहीं बदलते...पिछले चुनाव में खिलचीपुर की जनता ने कांग्रेस के बजाय बीजेपी प्रत्याशी को चुनकर विधानसभा भेजा..लेकिन उनकी समस्याएं आज भी जस की तस है.. विधानसभा क्षेत्र में जहां देखो वहां अभावों के टापू नजर आते हैं...स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सभी मोर्चों पर फेल नजर आता है खिलचीपुर।

खिलचीपुर विधानसभा की जनता समस्याओं के टापूओं से घिरी दिखाई देती है...सबसे बड़ी समस्या है जलसंकट, लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं...तो वहीं किसानों के खेत सिंचाई के अभाव में प्सासे हैं..कहने को तो मोहनपुरा और कुंडलिया डेम हैं लेकिन फिर भी सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है...इसके अलावा गाडगंगा नदी भी बदहाल है..बढ़ते प्रदूषण की वजह से नदी, नाले में तब्दील होती जा रही है.

शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में भी फिसड्डी है खिलचीपुर...स्कूली शिक्षा तो बदहाल है ही उच्च शिक्षा की स्थिति भी खराब है...उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी के चलते छात्र बड़े शहरों का रुख करने को मजबूर हैं...शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल है..इसके अलावा बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है...रोजगार के साधनों की कमी के चलते पलायन भी लगातार बढ़ रहा है..इन सबके बीच बदहाल सड़कें और बढ़ते ट्रैफिक से जनता परेशान है ।

 

वेब डेस्क, IBC24


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