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योग करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Last Modified - May 22, 2018, 3:34 pm

योग एक साधना है लेकिन साधारण बोलचाल में इसे  कसरत से जोड़ दिया जाता है। आपको बता दें कि  योग का मुख्य उद्देश्य  तनाव दूर कर स्फूर्ति प्रदान करना होता है। योग करने से पहले सबसे पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए की हम योग को सही तरीके से समझें फिर उसके बाद ही इसकी शुरुआत करें। योग में सबसे पहली बात ये है कि इसे निरंतर जारी रखना जरुरी है। योगासन करने से पहले ये जानना जरुरी होता है कि योग क्या होता है और इसे करने.

सही समय में करें 

योग करने का सबसे पहला नियम है की आप  उसका सही समय डिसाइड कर लेंऔर रोज़ाना उसी समय पर योग करें।सबसे अच्छा समय सुबह का होता है लेकिन अगर आपके पास समय नहीं है तो आप  शाम के समय भी  योग कर सकते हैं। 

 

साफ स्थान 

योग एक साधना होती है इसलिए इसे करने से पहले साफ सुथरा और उचित स्थान का चयन करें। आप ध्यान रखें की आप किसी भी परिस्थिति में  फर्श पर या फिर पलंग में बैठकर योग न करें। इस बात का अवश्य ध्यान रखें की योग करने वाला स्थान हवादार हो और स्वच्छ हो। हमेशा चटाई या स्वच्छ कपडे को ज़मीन पर बिछा कर उस पर बैठ कर योग करें। अगर आप योग सुबह करते हैं तो चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ रखे और शाम को योग करते समय पश्चिम या दक्षिण दिशा की तरफ चेहरा करके योग करें।

 

खाली पेट करें योग 

 

योग करने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी भरे पेट योग न करें। अगर कभी भी आप खाना खाने के बाद योग करते हैं तो इसका बहुत अधिक नुकसान हो सकता है। इसी लिए योग के लिए प्रातःकाल को सही समय माना जाता है। सभी आसनों में से वज्रासन ही एक ऐसा आसन है, जिसे खाना खाने के तुरंत बाद करना चाहिए, क्योंकि यह  पाचन तंत्र को व्यवस्थित रखने का काम करता है। 

ढ़ीले कपड़े पहनें 

यह ध्यान रखे की कभी भी योग करते समय तंग कपड़े ना पहने, क्योंकि ऐसे कपड़े पहनने से आप योग-आसन अच्छे से और देर तक नहीं कर पाएंगे। ढीले और आरामदायी कपडे पहनकर योग करें। 

प्रसन्न रहे 

योग हमेशा अकेले या किसी शांत स्थान पर करें। ध्यान रहे कि योग करते समय किसी से बात-चीत न करें और फ़ोन या मोबाइल को अपने साथ न रखे। इससे ध्यान भ्रष्ट होता है और आप एकाग्रता से योग नहीं कर पाते हैं, जिससे अच्छे परिणाम जल्द नहीं मिल पाते हैं।

 

महिलायों इन बातों पर विशेष ध्यान दें 

महिलाओं को उनके मासिक धर्म के दौरान योग नहीं करना चाहिए, क्यूंकि इस अवधि में गर्भाशय गुहा खुला रहता है और रक्त-स्त्राव की प्रक्रिया जारी रहती है। अतः इस दौरान योग करने से रक्त-स्त्राव संबंधी गम्भीर समस्याएं हो सकती हैं।इसके अलावा, अगर कोई महिला गर्भवती है, उसे गर्भावस्था के दौरान योग नहीं करना चाहिए। गर्भावस्था के 3 महीने बाद योग के कुछ सरल आसन किये जा सकते हैं। लेकिन, ऐसी स्थिति में योग करने से पहले योग-प्रशिक्षक से जरूर परामर्श लें।

 

श्वास और योग का गहरा सम्बन्ध 

श्वाश योग का उतना ही महत्वपूर्ण घटक है जितना कि योग के आसन। श्वास की प्रक्रिया को नियंत्रित किये बिना के योग-आसन करना अधूरा है। योग-आसन करते समय कभी भी मुंह से श्वास ना लें। मुंह से श्वास लेना बहुत ही हानिकारक हो सकता है। इसलिए हमेशा योग करते समय श्वाश नाक के माध्यम से ही लें। योग-प्रशिक्षक से जानकारी लेकर योग-आसन करते समय नियम के अनुसार ही श्वाश लेते और छोड़ते रहें। ध्यान रहे, योग-आसन करते समय कभी भी श्वाश की प्रक्रिया को ना रोकें।

 

 

 

 

 

 वेब डेस्क IBC24


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