News

योग करने से पहले जानना जरुरी है इन सावधानियों के बारे में

Created at - May 23, 2018, 4:59 pm
Modified at - May 23, 2018, 7:26 pm

योग जीवन को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम किसी बीमारी के शिकार हो जाते हैं और उससे  मुक्त होने के लिए हम सभी तरफ तो ध्यान देते हैं लेकिन योग करने के बारे में नहीं सोचते। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे योग की शरण में जाने से स्वास्थ लाभ मिल जायेगा । यदि आप विभिन्न बीमारियों पर विजय पाना चाहते है तो रोग के अनुसार सही योगासन का चुनाव करना बेहद जरुरी है.

 

बीमारी के अनुसार योग

1-मोटापा दूर करने के लिए योग आसन 

पश्चिमोत्तानासन, चक्रासन, गोमुखासन, मत्येन्द्रासन, धनुरासन, हस्तपादासन आदि।

मोटापा (चरबी की वृद्धि) दूर करने के लिए योग

मंडूकासन, पश्चिमोत्तानासन, मयूरासन, सुप्त वज्रासन, धनुरासन, अर्द्ध मत्स्येंद्रासन और भस्त्रिका तथा उज्जायी प्राणायाम ।

 

2-हाइ ब्लडप्रेशर (उच्च रक्तचाप) 

वज्रासन, सिद्धासन, पद्मासन, मत्स्यासन और शवासन।

3-गले की तकलीफ के लिए योगासन  

मत्स्यासन, सिंहासन, सुप्त वज्रासन और सर्वांगासन।

4-सिरदर्द ठीक करने के लिए योग 

पश्चिमोत्तानासन, हलासन, सर्वांगासन और शवासन।

 5-हर्निया (अंत्रवृद्धि) के लिए योगासन  

मत्स्यासन, सर्वांगासन और सुप्त वज्रासन।

6-अस्थि सन्धि विकार एवं कटिशूल दूर करने के लिए योग आसन 

वीरासन, भुजंगासन, शलभासन, धनुरासन, वज्रासन, मत्स्यासन, सुप्त वज्रासन आदि।

7-उच्चरक्तचाप दूर करने के लिए योग आसन 

शवासन, पद्मासन (में ध्यान), स्वस्तिकासन आदि।

 

8-श्वसन-विकार, फुफ्फुस विकार, जीर्ण कास

भुजंगासन, सर्वाङ्गासन, पश्चिमोत्तानासन, मत्स्यासन, वज्रासन, सिंहासन आदि।

9-अजीर्ण, मन्दाग्नि एवं अम्लपित्त के लिए योगासन  

वज्रासन, वीरासन, पवनमुक्तासन, उत्तानपादासन, मयूरासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, गोमुखासन आदि।

 

10-मस्तिष्क विकार, अनिद्रा, चित्तोद्वेग आदि के लिए योगासन  

शवासन, शीर्षासन, विपरीतकरणी, योगमुद्रासन, पद्मासन, स्वस्तिकासन आदि।

वेब डेस्क IBC24

 


Download IBC24 Mobile Apps

Trending News

Related News